आज के रोचक एवं महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान में अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न पढ़े -Read important questions for international relations in today’s interesting and important general knowledge.

आज  के  रोचक एवं  महत्वपूर्ण सामान्य  ज्ञान  में अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न पढ़े -Read important questions for international relations in today’s interesting and important general knowledge.

1.द्वितीय विश्वयुद्धोत्तर अन्तर्राष्ट्रीय प्रवृत्तियाँ

  • एक ध्रुवीयता से क्या आशय है ?
    ➥अन्तर्राष्ट्रीय विश्व व्यवस्था में केवल एक महाशक्ति का वर्चस्व स्थापित होना एक ध्रुवीय विश्व व्यवस्था कहलाता है । जैसे – सोवियत संघ के पराभव के बाद अमेरिकी वर्चस्व की स्थापना ।
  • द्वितीय महायुद्ध के पश्चात् किन देशों का महाशक्तियों के रूप में उदय हुआ ?
    ➥अमेरिका एवं सोवियत रूस ।
  • अमरीका और सोवियत संघ के महाशक्तियों के रूप में अभ्युदय से अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़े ? किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( i ) अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में दो शक्तिशाली गुटों का अभ्युदय हुआ । ( ii ) अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में शीत – युद्ध की शुरूआत हुई ।
  • द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पूरा विश्व कितने गुटों में विभाजित हुआ और उनके नेता कौन थे ?
    ➥विश्व दो गुटों में विभाजित हुआ । एक गुट का नेता पूँजीवाद समर्थक संयुक्त राज्य अमेरिका और दूसरे गुट का नेता साम्यवाद समर्थक सोवियत संघ था ।
  • द्वितीय महायुद्ध के बाद तीसरी दुनिया के किन राष्ट्रों ने स्वतंत्र विदेश नीतियाँ अपनाई ?
    ➥एशिया , अफ्रीका और लेटिन अमेरिकी राष्ट्रों ने स्वतन्त्र विदेश नीतियाँ अपनाईं ।
  • द्वितीय महायुद्धोत्तर अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव डालने वाले कोई तीन तत्त्व बताइए ।
    ➥निक गुटबन्दी , गुटनिरपेक्षता , साम्यवाद का विस्तार आदि द्वितीय महायुद्धोत्तर अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव डालने वाले प्रमुख तत्त्व हैं ।
  • कोई चार विश्वयुद्धोत्तर अन्तर्राष्ट्रीय प्रवृत्तियाँ लिखिए ।
    ➥( 1 ) यूरोपियन प्रभुत्व का अन्त होना , ( 2 ) परमाण युग का सूत्रपात होना , ( 3 ) एशिया और अफ्रीका के सम्प्रभु राज्यों की संख्या में वृद्धि होना , ( 4 ) साम्यवादी विचारधारा का विस्तार होना ।

2. शीतयुद्ध एवं इसके विभिन्न चरण

  • शीत युद्ध की उत्पत्ति के दो कारण बताइए ।
    ➥( 1 ) शीत युद्ध की उत्पत्ति का मुख्य कारण वैचारिक मतभेद था । जहाँ अमेरिका उदारवादी प्रजातान्त्रिक विचारधारा का समर्थक और साम्यवाद का विरोधी रहा , वहाँ सोवियत संघ पूँजीवादी ( उदारवादी ) लोकतन्त्र का विरोधी रहा । ( 2 ) दूसरा प्रमुख कारण दोनों गुटों द्वारा परस्पर विरोधी अभियान चलाना और घृणायुक्त प्रचार करना था ।
  • नए और पुराने शीतयुद्ध में दो अन्तर बताइए ?
    ➥( 1 ) नए शीतयुद्ध का केन्द्र एशिया था जबकि पुराने शीतयुद्ध का केन्द्र यूरोप था । ( 2 ) नया शीतयुद्ध सोवियत संघ विरोधी था जबकि पुराना शीतयुद्ध साम्यवाद उत्तर विरोधी था ।
  • शीत युद्ध से क्या आशय है ? अथवा शीत युद्ध किसे कहते हैं ?
    ➥’ शीत युद्ध ‘ शब्द से सोवियत संघ – अमरीकी शत्रुतापूर्ण एवं तनावपूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों को अभिव्यक्ति होती है जो कि द्वितीय महायुद्धोत्तर विश्व राजनीति की वास्तविकता है । शीत युद्ध एक वास्तविक युद्ध न होकर युद्ध का वातावरण था ।
  • शीत युद्ध को परिभाषित कीजिए ।
    ➥डॉ . एम.एस. राजन के अनुसार , “” शीत युद्ध शक्ति – संघर्ष की राजनीति का मिला जुला परिणाम है , दो विरोधी विचारधाराओं के संघर्ष का परिणाम है , दो प्रकार की परस्पर विरोध पद्धतियों का परिणाम है । यह विरोधी चिन्तन पद्धतियों और संघर्षपूर्ण राष्ट्रीय हितों की अभिव्यक्ति है , जिसका अनुपात समय और परिस्थितियों के अनुसार एक – दूसरे के पूरक के रूप में बदलता रहा है । “”
  • शीत युद्ध के दो प्रमुख लक्षण लिखिए ।
    ➥(1) शीत युद्ध दो सिद्धान्तों का ही नहीं , अपितु सोवियत संघ और अमरीका का संघर्ष था । ( 2 ) शीत युद्ध में प्रचार का महत्त्व था , यह वाक् युद्ध था ।
  • शीत युद्ध प्रमुख साधन क्या हैं ?
    ➥शीत युद्ध के प्रमुख साधन प्रचार , अपनी शक्ति का प्रदर्शन , कमजोर और अविकसित राष्ट्रों को आर्थिक तथा अन्य सहायता देकर अपने गुट में शामिल करना , जासूसी , कूटनीति आदि हैं ।
  • ‘ शीत युद्ध ‘ शब्द से किसकी अभिव्यक्ति होती है ?
    ➥’ शीत युद्ध ‘ शब्द से सोवियत संघ अमेरिकी शत्रुतापूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों को अभिव्यक्ति होती है ।
  • शीत युद्ध के कोई चार कारण बताइए लिखिए ।
    ➥( 1 ) पश्चिम की सोवियत विरोधी नीति और प्रचार अभियान , ( 2 ) सोवियत संघ द्वारा माल्टा समझौते की अवहेलना , ( 3 ) दोनों पक्षों में सन्देह व अविश्वास की भावना उत्पन्न होना , ( 4 ) दोनों पक्षों में सैद्धान्तिक मतभेद होना ।
  • शीत युद्ध के विश्व राजनीति पर दो सकारात्मक प्रभाव बताइए । अथवा विश्व / अन्तर्राष्ट्रीय ➥राजनीति पर शीतयुद्ध के कोई दो प्रभाव लिखिए ।
    ( 1 ) गुटनिरपेक्ष आन्दोलन को प्रोत्साहन मिला और तीसरी दुनिया के राष्ट्रों को उपनिवेशवाद से सही मायने में मुक्ति मिली । ( 2 ) शीत युद्ध के कारण शान्तिपूर्ण सह – अस्तित्व को प्रोत्साहन मिला ।
  • अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति पर शीतयुद्ध के कोई दो नकारात्मक प्रभाव लिखिए ।
    ➥( i ) दो विरोधी गुटों का निर्माण , ( ii ) शस्त्रीकरण की अविरल प्रतिस्पर्धा ।
  • ‘ दितान्त ‘ या ‘ देतान्त ‘ का क्या अभिप्राय है ?
    ➥’ दितान्त ‘ ( Detente ) फ्रेंच भाषा का शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है – तनाव में शिथिलता । अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति के परिप्रेक्ष्य में ‘ दितान्त ‘ से अभिप्राय सोवियत अमरीकी तनाव में कमी से है ।
  • ‘ दितांत ‘ शब्द को परिभाषित कीजिए ।
    ➥ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार , “” दितान्त राज्यों के बीच तनावपूर्ण सम्बन्धों का अन्त है , दूसरा , यह राज्यों के बीच मित्रतापूर्ण सम्बन्ध है । “”
  • शीत युद्ध की समाप्ति के किन्हीं दो कारणों का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( 1 ) मिखाइल गोर्बाच्योव की नीतियाँ , ( 2 ) सोवियत संघ का बिखराव ।
  • शीत – युद्ध की समाप्ति के पश्चात् अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति के मुख्य मुद्दे क्या हैं ?
    ➥शीत युद्ध की समाप्ति के पश्चात् अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति के मुख्य मुद्दे सुरक्षा और विचारधारा के बजाय व्यापार और पूंजी निवेश बन गये हैं ।
  • नवीन शीत युद्ध की दो विशेषताओं को उल्लेखित कीजिए ।
    ➥( 1 ) सोवियत संघ का अधिक शक्तिशाली होना , ( 2 ) अन्तरिक्ष हथियारों की होड़ शुरू होना ।

3. संयुक्त राष्ट्र संघ : संगठन , कार्यप्रणाली एवं भूमिका

  • संयुक्त राष्ट्र संघ के कोई दो उद्देश्य बताइए ।
    ➥दो उद्देश्य- ( 1 ) सामूहिक व्यवस्था द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति एवं सुरक्षा कायम रखना और आक्रामक प्रवृत्तियों को नियन्त्रण में रखना । ( 2 ) अन्तर्राष्ट्रीय विवादों का शान्तिपूर्ण समाधान करना ।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ के दो सिद्धान्त लिखिए ।
    ➥( 1 ) इसका प्रधान आधार छोटे – बड़े सब देशों की समानता और सर्वोच्च सत्ता का सिद्धान्त है । ( 2 ) सब सदस्य चार्टर द्वारा उन पर लागू होने वाले दायित्वों का पालन पूरी ईमानदारी से करेंगे ।
  • निषेधाधिकार से आपका क्या तात्पर्य है ?
    ➥निषेधाधिकार से तात्पर्य यह है कि अगर सुरक्षा परिषद् के पाँच स्थायी सदस्यों में से कोई एक भी किसी महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय के विपक्ष में वोट देता है तो वह विषय अस्वीकृत समझा जाता है ।
  • आप ‘ दोहरा वीटो ’ से क्या समझते हैं ? अथवा दोहरा निषेधाधिकार क्या है ?
    ➥प्रक्रिया सम्बन्धी मामले के अतिरिक्त किसी भी विषय पर संयुक्त राष्ट्र संघ के किसी भी स्थायी सदस्य द्वारा वीटो करना तथा फिर वह विषय प्रक्रिया सम्बन्धी है या नहीं , के प्रश्न पर पुन : वीटो करना ‘ दोहरा वीटो ‘ कहलाता है ।
  • महासभा का विशेष अधिवेशन कब बुलाया जा सकता है ?
    ➥सुरक्षा परिषद या संयुक्त राष्ट्रसंघ के बहुसंख्यक सदस्यों की प्रार्थना पर महासचिव महासभा का विशेष अधिवेशन बुला सकता है ।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा के दो कार्यों का वर्णन कीजिए ।
    ➥( 1 ) संयुक्त राष्ट्र संघ का बजट पारित करना । ( 2 ) सुरक्षा परिषद् तथा अन्य संस्थाओं एवं संगठनों की रिपोर्ट पर विचार करना ।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख अंग कौन से हैं ?
    ➥संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख अंग हैं- ( 1 ) महासभा , ( 2 ) सुरक्षा परिषद , ( 3 ) आर्थिक और सामाजिक परिषद् , ( 4 ) न्यास परिषद् , ( 5 ) अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय , तथा ( 6 ) सचिवालय ।
  • संयुक्त राष्ट्रसंघ के कोई दो कार्य बताइए ।
    ➥( i ) अन्तर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाये रखना । ( ii ) शस्त्रीकरण की होड़ को रोकना ।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रमुख आधिकारिक भाषाएँ कौन – कौनसी हैं ?
    ➥संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रमुख छः आधिकारिक भाषाएँ हैं- ( 1 ) चीनी , ( 2 ) अंग्रेजी , ( 3 ) फ्रेंच , ( 4 ) रूसी , ( 5 ) स्पेनिश , ( 6 ) अरबी ।
  • संयुक्त राष्ट्र सचिवालय का मुख्य कार्यालय कहाँ स्थित है ?
    ➥संयुक्त राष्ट्र सचिवालय का मुख्य कार्यालय न्यूयार्क में स्थित है ।
  • यू.एन.ओ. के महासचिव के दो कार्य / शक्तियाँ बताइए ।
    ➥( 1 ) महासचिव संस्था का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होने के नाते सामान्य प्रशासन सम्बन्धी कार्य करता है । ( 2 ) शान्ति एवं सुरक्षा से सम्बन्धित राजनीतिक कार्य भी महासचिव के द्वारा किए जाते हैं ।
  • ‘ यूनेस्को ‘ का पूर्ण शाब्दिक स्वरूप क्या है ?
    ➥’ यूनेस्को ‘ का पूर्ण शाब्दिक स्वरूप है – संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक , वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन ( UNESCO ) ( United Nations Educational , Scientific and Cultural Organisation )
  • यूनेस्को ( UNESCO ) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ।
    ➥यूनेस्को का प्रमुख उद्देश्य – मानव मस्तिष्क में युद्ध भावना का उन्मूलन करना है । यह संस्था शिक्षा , विज्ञान एवं संस्कृति के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय जगत में न्याय , विधि का शासन , मानव के मौलिक अधिकारों तथा स्वतन्त्रताओं के प्रति मानव जाति में आदर की भावना पैदा करती है । इसका प्रमुख दायित्व विश्व में व्यास निरक्षरता को दूर करना तथा सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित करना है ।
  • सुरक्षा परिषद् के महत्व में कमी के कोई दो कारण बताइए ।
    ➥( i ) महासभा का बढ़ता हुआ महत्व । ( ii ) महाशक्तियों में मतैक्य का अभाव ।
  • संयुक्त राष्ट्रसंघ की कोई दो दुर्बलताएँ बताइए ।
    ➥( i ) घरेलू मामलों की अस्पष्ट व्याख्या , तथा ( ii ) आय के स्वतन्त्र व विश्वसनीय साधनों का अभाव ।
  • वीटो पावर के किन्हीं दो दोषों का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( i ) इस विशेषाधिकार के कारण बहुमत का कोई महत्व नहीं रहता है । ( ii ) वीटो के प्रयोग से सुरक्षा परिषद का कोई भी स्थायी सदस्य किसी भी कार्यवाही को विफल कर सकता है जिससे विश्व लोकमत की उपेक्षा होती है ।
  • न्यास परिषद के कोई दो उद्देश्य बताइए ।
    ➥( i ) अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा को बढ़ाना । ( ii ) लोगों की राजनीतिक , आर्थिक , सामाजिक और शिक्षा सम्बन्धी उन्नति में सहयोग देना ।
  • अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय में कितने न्यायाधीश चुने जाते हैं ? उनका कार्यकाल कितना होता है ?
    ➥अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय में चुने जाने वाले न्यायाधीशों की संख्या 15 है । उनका कार्यकाल 9 वर्ष का होता है ।
  • अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का कार्यालय कहाँ पर स्थित है ?
    ➥अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का कार्यालय हेग में स्थित है ।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ के किन अनुच्छेदों में अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का प्रावधान है ?
    ➥संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर में 92 से 96 तक के अनुच्छेदों में अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का प्रावधान है ।
  • अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय के दो कार्य लिखिए ।
    ➥( 1 ) अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्य कार्य कानूनी विवादों का निपटारा करना , तथा ( 2 ) अधिकृत संयुक्त राष्ट्र के अंगों और विशेष एजेन्सियों द्वारा उठाए कानूनी प्रश्नों पर राय देना है ।
  • ‘ शान्ति के लिए एकता प्रस्ताव ‘ से क्या तात्पर्य है ?
    ➥संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा द्वारा 3 नवम्बर , 1950 को एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसके माध्यम से महासभा शान्ति के लिए खतरा बनी किसी समस्या पर उचित कदम उठाने हेतु प्रस्ताव ला सकती है । इसी को ‘ शान्ति के लिए एकता प्रस्ताव ‘ कहते हैं ।
  • अन्तर्राष्ट्रीय विवादों को निपटाने हेतु सुरक्षा परिषद् के दो तरीके बताइए ।
    ➥( 1 ) सम्बन्धित राष्ट्रों को आपसी वार्ता व पत्र – व्यवहार के लिए प्रेरित करना । ( 2 ) पंचों , मध्यस्थों और अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालयों द्वारा निर्णयों का सुझाव रखना ।
  • ‘ शांति के लिए एकता ‘ प्रस्ताव की दो विशेषताएँ बताइए ।
    ➥सदस्यीय शांति निरीक्षण आयोग की स्थापना ।
  • सुरक्षा परिषद् में कुल कितने सदस्य हैं ?
    ➥सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य संख्या हैं जिसमें 5 स्थायी तथा 10 अस्थायी होते हैं । इन अस्थायी सदस्यों में से 5 एशियाई – अफ्रीकी राज्यों में से , 1 पूर्वी यूरोप में से , 2 दक्षिणी अमरीका व शेष 2 पश्चिमी यूरोप व अन्य राज्यों से होते हैं ।
  • संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्यों के नाम लिखिए । अथवा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में किन देशों के पास निषेधाधिकार है ?
    ➥संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के निषेधाधिकार प्राप्त स्थायी सदस्य देश हैं ( 1 ) संयुक्त राज्य अमेरिका , ( 2 ) ब्रिटेन , ( 3 ) फ्रांस , ( 4 ) रूस , और ( 5 ) चीन ।
  • सुरक्षा परिषद् के अस्थायी सदस्यों को कौन निर्वाचित करता है ? अस्थायी सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है ?
    ➥सुरक्षा परिषद् के अस्थायी सदस्य महासभा द्वारा निर्वाचित किये जाते हैं । उनका कार्यकाल 2 वर्ष का होता है ।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ के पुनर्गठन या लोकतंत्रीकरण से क्या अभिप्राय है ?
    ➥इसका अर्थ है – सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्यों में विस्तार करना तथा उसमें विकासशील देशों को समुचित प्रतिनिधित्व देना ।
  • नये सदस्य की भर्ती हेतु संयुक्त राष्ट्र संघ में क्या विधि है ?
    ➥नये सदस्य को सदस्यता प्राप्त करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के पास आवेदन प्रस्तुत करना पड़ता है जिसे वह सुरक्षा परिषद् को विचार हेतु भेज देता है । सुरक्षा परिषद् संतुष्ट होने पर महासभा के पास अपनी सिफारिश भेज देती है । महासभा में यह सिफारिश ⅔ बहुमत से पारित होने पर उस देश को संयुक्त राष्ट्र संघ की सदस्यता प्राप्त हो जाती है ।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ के सम्मुख प्रमुख चार चुनौतियाँ बताइए ।
    ➥( 1 ) विश्व में बढ़ती परमाणु शस्त्रों की होड़ । ( 2 ) समानता एवं न्याय पर आधारित नवीन अर्थव्यवस्था । ( 3 ) निर्धन देशों को कच्चे माल की उचित कीमत । ( 4 ) समुद्री सम्पदा के दोहन का उनका बराबरी का अधिकार ।
  • परिवर्तित अन्तर्राष्ट्रीय परिदृश्य के संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र संघ को और प्रासंगिक बनाने हेतु कोई दो सुझाव दीजिए ।
    ➥( 1 ) सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्यों की संख्या में वृद्धि की जाए और निर्णय बहुमत के आधार पर लिए जाएँ । ( 2 ) निषेधाधिकार को समाप्त किया जाए ।
  • सुरक्षा परिषद् में आप वीटो से क्या समझते हैं ? अथवा सुरक्षा परिषद् में निषेधाधिकार ( वीटो ) की व्यवस्था से क्या तात्पर्य है ?
    ➥सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्यों में से किसी एक का भी नकारात्मक मत सुरक्षा परिषद् को निर्णय लेने से रोकता है । सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की इस शक्ति को निषेधाधिकार की शक्ति ( वीटो पावर ) कहते हैं ।

4. संयुक्त राज्य अमेरिका एवं तृतीय विश्व

  • ‘तीसरी दुनिया ‘ ( Third World ) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया ?
    ➥तीसरी दुनिया ( Third World ) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग एक फ्रांसीसी लेखक एल्फ्रेड सोवी ने अपने एक लेख में सन् 1952 में किया था ।
  • तृतीय विश्व के देशों से क्या अभिप्राय है ? अथवा वर्तमान में ‘ तीसरी दुनिया ’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता है ?
    ➥‘ तीसरी दुनिया ’ शब्द का प्रयोग अल्पविकसित राष्ट्रों अथवा विकासशील राष्ट्रों के लिए किया जाता है । सामान्यत : एशिया , अफ्रीका और लैटिन अमरीका क्षेत्र के नवोदित देश ही ‘ तीसरी दुनिया ’ की परिधि में आते हैं ।
  • तीसरे विश्व के देशों के क्या लक्षण / विशेषताएँ हैं ?
    ➥निर्धनता , अस्थिरता , भ्रष्टाचार , एक दल प्रणाली आदि तीसरे विश्व के देशों के प्रमुख लक्षण या विशेषताएँ हैं ।
  • 2018 की SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश कौनसा है ?
    ➥2018 की SIPRI यानी स्टॉकहोम इन्टरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार 2014 से 2018 के मध्य भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश रहा है ।
  • विकासशील राष्ट्रों से आप क्या समझते हैं ?
    ➥विकासशील राष्ट्रों से तात्पर्य उन राष्ट्रों से है जो शताब्दियों की उपनिवेशवादी गुलामी से मुक्त होकर विकास के नए मार्गों की खोज कर रहे हैं । ये देश निर्धनता , निरक्षरता , जातीय संघर्ष जैसी आर्थिक और सामाजिक समस्याओं से पीड़ित हैं ।
  • वर्तमान में तृतीय विश्व के देशों में अमरीका की आर्थिक भूमिका क्या रही है ? कोई दो बिन्दु लिखिए ।
    ➥( i ) विश्व को मुक्त बाजार का क्षेत्र बनाते हुए स्पेशल 301 की व्यवस्था को बनाये रखना । ( ii ) अस्त्र – शस्त्र बाजार को जिन्दा रखना ।
  • वर्तमान में तृतीय विश्व के देशों पर अमेरिका का प्रभुत्व क्यों बढ़ रहा है ?
    ➥सोवियत संघ के बिखराव तथा पूर्वी यूरोप में साम्यवाद के ध्वस्त होने के कारण अमेरिका का प्रभुत्व बढ़ रहा है ।

5. साम्यवादी खेमे का विघटन

  • अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में साम्यवादी गुट के अवसान के दो तत्व बताइए ।
    ➥( 1 ) साम्यवादी देशों के आर्थिक विकास में ठहराव । ( 2 ) पेरोस्त्राइका तथा ग्लासनोस्त की पूर्व – सोवियत संघ की नीतियाँ ।
  • साम्यवादी गुट के बिखराव का विश्व राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ा ? किन्हीं दो प्रभावों का उल्लेख कीजिए । अथवा साम्यवादी गुट के बिखराव के अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति पर क्या प्रभाव हुए ? कोई दो लिखिए ।
    ➥( i ) शीत युद्ध का अन्त , ( ii ) लोकतन्त्र की सर्वव्यापकता ।
  • सोवियत संघ के विघटन के कोई दो प्रभावों को बताइए । अथवा सोवियत संघ के विघटन का तृतीय विश्व के देशों पर क्या प्रभाव हुआ ?
    ➥( 1 ) विश्व में केवल एक ही महाशक्ति ( अमेरिका ) रह गई । ( 2 ) शीत युद्ध का अंत हो गया , जिससे राष्ट्रों के विकास के अवसर खुल गए ।
  • साम्यवादी गुट के बिखराव के दो मुख्य परिणाम लिखिए
    ➥( 1 ) सोवियत संघ का विघटन होना , तथा ( 2 ) जर्मनी का एकीकरण होना ।
  • ‘ कामिनफॉर्म क्या है ?
    ➥’ कॉमिनफॉर्म ‘ सोवियत संघ के नेतृत्व में 9 साम्यवादी देशों का एक संगठन था जिसका उद्देश्य यूरोप में सामान्य साम्यवादी नीतियों को क्रियान्वित व समायोजित करना था ।
  • कॉमिनफॉर्म का क्या उद्देश्य था ?
    ➥कॉमिनफॉर्म का उद्देश्य यूरोप में सामान्य साम्यवादी नीतियों को क्रियान्वित व समायोजित करना था ।
  • क्या आप सोचते हैं कि सोवियत संघ के विघटन से दुनिया में साम्यवाद का अवसान हो गया है ? अपने उत्तर के पक्ष में कोई एक तर्क दीजिए ।
    ➥हाँ , सोवियत संघ के विघटन से दुनिया में साम्यवाद का अवसान हो गया है , क्योंकि पूरे विश्व ने उदारीकरण की प्रक्रिया को अपना लिया है ।
  • सन् 1991 में विघटित यूगोस्लाविया के विघटन से बने राज्यों के नाम लिखिए ।
    ➥सर्बिया , मोण्टेनिग्रो , स्लोवेनिया , क्रोशिया , बोस्निया – हर्जेगोविना तथा मेसोडोनिया यूगोस्लाविया के विघटन से बने राज्य हैं ।

6. यूरोप का पुनर्गठन

  • ‘ बेनीलक्स ‘ ( BENELUX ) क्या है ?
    ➥बेनीलक्स संघ बेल्जियम , नीदरलैण्ड और लक्जमबर्ग के बीच सितम्बर , 1944 में हुए समझौते का परिणाम है । इसके अन्तर्गत सदस्य राष्ट्रों ने अपने बीच चुंगी व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया और आयात पर एक समान टैरिफ कार्यक्रम की स्थापना की ।
  • सीटो ( SEATO ) का निर्माण कब और क्यों हुआ ?
    ➥सीटो ( SEATO ) यानी ‘ South – East Asia Treaty Organisation ‘ का गठन सितम्बर , 1954 में मनीला में हुआ । इसका प्रमुख उद्देश्य साम्यवादियों की विस्तारवादी नीति से दक्षिण – पूर्व एशिया की रक्षा करना तथा आर्थिक प्रगति एवं सामाजिक कल्याण को प्रोत्साहन देना था ।
  • पूर्वी यूरोप के प्रमुख देशों के नाम बताइए ।
    ➥प्रमुख देश – पूर्वी जर्मनी , पोलैण्ड , चेकोस्लोवाकिया , हंगरी , रूमानिया , बल्गारिया तथा अल्बानिया । इन देशों को सोवियत संघ के पिछलग्गू देश भी कहा जाता है ।
  • मेस्ट्रिच संधि कब व किसके बीच सम्पन्न हुई ? इसका प्रमुख प्रावधान क्या है ?
    ➥11 दिसम्बर , 1991 ई . को नीदरलैण्ड के मेस्ट्रिच नगर में 12 सदस्यीय यूरोपीय समुदाय ने यूरोपीय मौद्रिक संघ के अनुबन्ध पर हस्ताक्षर किये । इस संधि का प्रमुख प्रावधान समान मुद्रा का चलन करना है ।
  • यूरोपियन संघ क्या है ?
    ➥यूरोपियन संघ ऐसे राष्ट्रों का समूह है जिनका उद्देश्य एक साझा बाजार के निर्माण के माध्यम से तथा आर्थिक नीतियों में समानता के द्वारा पूरे समुदाय का आर्थिक विकास करना और सदस्य देशों में निकट के सम्बन्ध स्थापित करना है ।
  • नाटो क्या है ? इसके कितने सदस्य राष्ट्र हैं ?
    ➥पश्चिमी यूरोप में सोवियत संघ के आक्रमण को रोकने के उद्देश्य से 4 अप्रैल , 1949 को वाशिंगटन में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन या समझौता किया गया , जिसे नाटो के नाम से जाना जाता है । इसमें कुल 29 सदस्य राष्ट्र हैं । नॉर्थ मेसेडोनिया नाटो का 30 वां सदस्य बनने की ओर हैं ।
  • ‘ डंकर्क सन्धि ‘ क्या है ?
    ➥ग्रेट ब्रिटेन और फ्रांस के मध्य 4 मार्च , 1947 को 50 वर्ष के लिए की गई संधि ‘ डंकर्क ‘ सन्धि है जो जर्मन आक्रमण के विरुद्ध एक – दूसरे की सहायता करने की सैनिक सन्धि है
  • नाटो तथा वारसा पैक्ट में अन्तर बताइए ।
    ➥नाटो में नए सदस्यों की भर्ती सभी पूर्ववर्ती सदस्यों की सर्वसम्मति से ही सम्भव है जबकि वारसा पैक्ट विश्व के सभी देशों के लिए खुला था ।
  • नाटो संगठन के जन्म के दो कारणों का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( i ) सोवियत साम्राज्यवाद का भय , तथा ( ii ) सोवियत आक्रमण के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र संघ से पर्याप्त सुरक्षा न पा सकने की सम्भावना ।
  • यूरो संकट से आपका क्या अभिप्राय है ?
    ➥यूरो संकट से अभिप्राय , यूरोपीय समुदाय की मुद्रा ‘ यूरो ‘ के संकट से लिया जाता है ।
  • द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात् यूरोप की प्रमुख समस्याएँ क्या थी ?
    ➥शान्ति निर्माण की समस्या , आर्थिक पुनरुद्धार और एकीकरण की समस्या तथा सैनिक सुरक्षा की समस्या प्रमुख समस्याएँ थीं ।

7. भारत की विदेश नीति निर्धारक तत्व

  • भारत की गुटनिरपेक्षता का क्या अर्थ है ?
    ➥भारत की गुटनिरपेक्षता का अर्थ – शक्ति गुटों से पृथक् रहना , शीत युद्ध में भाग न लेना , प्रत्येक अन्तर्राष्ट्रीय समस्या पर गुण – दोषों के आधार पर निर्णय लेना तथा विरोधी गुटों के बीच सन्तुलन बनाए रखना है ।
  • राष्ट्रहित क्या है ?
    ➥व्यापक , दीर्घकालीन और सतत् उद्देश्य जिसकी सिद्धि के लिए राज्य , राष्ट्र और सरकार में सब अपने को प्रयत्न करते हुए पाते हैं , राष्ट्रीय हित है ।
  • ‘ गुजराल सिद्धान्त ‘ क्या है ?
    ➥गुजराल सिद्धान्त पड़ोसी देशों , खासतौर से दक्षिणी एशियाई देशों के साथ भारत के मधुर सम्बन्धों की स्थापना पर जोर देता है । यह सिद्धान्त 1997 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्द्रकुमार गुजराल द्वारा दिया गया था ।
  • भारत की विदेश नीति पर किस विचारधारा का गहरा प्रभाव पड़ा है ?
    ➥भारत की विदेश नीति के निर्धारण में शान्ति और अहिंसा पर आधारित गाँधीवादी विचारधारा का गहरा प्रभाव पड़ा है ।
  • भारतीय विदेश नीति के पाँच प्रमुख सिद्धान्त लिखिए ।
    ➥प्रमुख सिद्धान्त / लक्षण- ( i ) मैत्री और सह अस्तित्व की नीति , ( ii ) गुटनिरपेक्षता की नीति , ( iii ) पंचशील पर जोर देने की नीति , ( iv ) साम्राज्यवाद व उपनिवेशवाद का विरोध करने वाली नीति , ( v ) विरोधी गुटों के बीच सेतुबन्ध बनाने की नीति ।
  • भारतीय विदेश नीति के दो मुख्य उद्देश्य लिखिए ।
    ➥( i ) अन्तर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में वृद्धि करना , तथा ( ii ) पंच निर्णय द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय विवादों के निपटारे को प्रोत्साहन देना ।
  • पंचशील के सिद्धान्तों का कब और क्यों निर्माण किया गया ?
    ➥पंचशील के सिद्धान्तों का निर्माण 20 अप्रैल , 1954 को तिब्बत के प्रश्न पर चीन से संघर्ष सलने के लिए भारत और चीन के बीच हुए एक समझौते में किया गया था ।
  • पंचशील के सिद्धान्त बताइए । अथवा पंचशील समझौता क्या है ।
    ➥पंचशील के सिद्धान्त निम्न हैं ( 1 ) शान्तिपूर्ण सह – अस्तित्व ( 2 ) एक – दूसरे की प्रादेशिक अखण्डता का सम्मान , ( 3 ) अनाक्रमण , ( 4 ) एक दूसरे के आन्तरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना , तथा ( 5 ) समानता एवं पारम्परिक लाभ
  • भारतीय विदेश नीति की दो उपलब्धियां बताइए ।
    ➥( 1 ) भारत दोनों ही गुटों ( अमरीका व सोवियत संघ ) से सहायता प्राप्त करने में सफल रहा है । ( 2 ) भारत की निर्गुट नीति विश्व शान्ति के हित में है ।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाना कम निश्चित हुआ ?
    ➥प्रति वर्ष 21 जून को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाना निश्चित हुआ । इसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने 11 दिसम्बर , 2014 को 177 देशों की रिकॉर्ड संख्या के आधार पर स्वीकार किया है ।
  • संविधान का कौनसा अनुच्छेद भारत की विदेश नीति की समावेश करता है ?
    ➥अनुच्छेद 51 में विदेश नीति के मूलभूत सिद्धान्तों का समावेश है ।
  • लाल बहादुर शास्त्री के समय की भारतीय विदेश नीति के दो प्रमुख उल्लेख कीजिए ।
    ➥( i ) पड़ोसी देशों के प्रति मधुर व्यवहार , तथा ( ii ) भारत – पाक युद्ध ।
  • वे कौनसे देश हैं जिन्होंने ताशकन्द समझौते पर हस्ताक्षर किये और कब किये ?
    सन् 1965 में भारत और पाकिस्तान ने ताशकन्द समझौते पर हस्ताक्षर किये ।

8. भारत एवं संयुक्त राष्ट्र संघ

  • भारत संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य कब बना ?
    ➥24 अक्टूबर , 1945 को संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना के संस्थापक सदस्य राष्ट्रों में भारत भी एक था ।
  • 1945 में सेनफ्रांसिस्को सम्मेलन में भारत की तरफ से किसने भाग लिया था ?
    ➥भारत ने 1945 में सेनफ्रांसिस्को सम्मेलन में भाग लिया , इसके शिष्टमण्डल का नेतृत्व सर सी.पी. रामास्वामी मुदालियार ने किया ।
  • संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना सम्बन्धी अभियानों में योगदान करने वाला सबसे बड़ा देश कौनसा है ?
    ➥भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति स्थापना के लिए चल रहे 14 मिशनों में से 7 मिशनों में भारतीय सशस्त्र बल भाग ले रहा है ।
  • परमाणु हथियारों से लैस एकमात्र ऐसा देश कौनसा है जिसने परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन की मांग की है ?
    ➥भारत भारत ने ही संयुक्त राष्ट्र में पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण एवं अप्रसार के मुद्दे को आगे बढ़ाया है ।
  • भारत कितनी बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बन चुका है ?
    ➥आठ बार । ( 1 ) 1950-51 , ( 2 ) 1967-68 , ( 3 ) 1972-73 , ( 4 ) 1977-78 , ( 5 ) 1984-85 , ( 6 ) 1991-92 , ( 7 ) 2011-12 आठवीं बार सुरक्षा परिषद् का अस्थायी सदस्य का कार्यकाल भारत का 1 जनवरी , 2021 से शुरू होगा ।
  • सुरक्षा परिषद के विस्तार के पक्ष में दो तर्क दीजिए ।
    ➥( 1 ) अन्तर्राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान एवं संयुक्त राष्ट्र संघ की पूरी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सुरक्षा परिषद में तत्काल विस्तार की आवश्यकता है । ( 2 ) नई वैश्विक शक्तियों को प्रतिबिम्बित करने के लिए विश्व संस्था की शीर्ष इकाई सुरक्षा परिषद में विस्तार की महती आवश्यकता है ।
  • हाल ही के समय में भारत ने किस प्रकार संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को सुदृढ़ करने का प्रयास किया है ?
    ➥हाल ही के समय में , भारत ने विकास एवं गरीबी उन्मूलन , जलवायु परिवर्तन , आतंकवाद , जलदस्युता , निरस्त्रीकरण , मानवाधिकार , शांति – निर्माण एवं शांति स्थापना की बहुपक्षीय वैश्विक चुनौतियों की भावना से संघर्ष करने के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को सुदृढ़ करने का प्रयास किया है ।

9. गुटनिरपेक्ष आन्दोलन एवं वर्तमान में प्रासंगिकता

  • गुटनिरपेक्षता से क्या आशय है ?
    ➥गुटनिरपेक्षता से आशय किसी भी देश के साथ सैनिक गुटबन्दी में सम्मिलित न होना , पश्चिमी या पूर्वी गुटों के किसी भी विशेष देश के साथ सैनिक दृष्टि से न बंधना है तथा अपनी स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करना ही गुटनिरपेक्षता है ।
  • ‘ नाम ‘ के प्रणेता अथवा कर्णधार अथवा संस्थापक कौन थे ?
    ➥गुटनिरपेक्ष आन्दोलन या ‘ नाम ‘ के कर्णधार या प्रणेता या संस्थापक पं.नेहरू ( भारत ) , मार्शल टीटो ( यूगोस्लाविया ) तथा कर्नल नासिर ( मिस्र ) थे ।
  • गुटनिरपेक्ष आन्दोलन की स्थापना कब की गई ?
    ➥गुटनिरपेक्ष आन्दोलन की स्थापना सितम्बर , 1961 में यूगोस्लाविया की राजधानी बेलग्रेड में की गई ।
  • गुटनिरपेक्ष आन्दोलन की स्थापना का उद्देश्य क्या था ?
    ➥नवोदित राष्ट्रों की स्वाधीनता की रक्षा करना एवं युद्ध की सम्भावनाओं को रोकना ही गुटनिरपेक्ष आन्दोलन की स्थापना का उद्देश्य था ।
  • निर्गुट आन्दोलन के सदस्यों की संख्या कितनी है ?
    ➥निर्गुट आन्दोलन के सदस्यों की संख्या 120 है ।
  • गुटनिरपेक्षता के दो आधार बताइए ।
    ➥( 1 ) सदस्य देश स्वतंत्र नीति पर चलता हो । ( 2 ) सदस्य देश ने किसी बड़ी ताकत के साथ द्विपक्षीय समझौता न किया हो ।
  • गुटनिरपेक्ष आन्दोलन के सम्मेलन कितने प्रकार के होते हैं ?
    ➥( 1 ) गुटनिरपेक्ष देशों के विदेश मंत्रियों का सम्मेलन , ( 2 ) शिखर सम्मेलन ।
  • ‘ समन्वय ब्यूरो ‘ क्या है ?
    ➥गुटनिरपेक्ष देशों में निरन्तर विचार – विमर्श करने और कार्य में समन्वय स्थापित करने के लिए एक उपयोगी एवं सक्रिय केन्द्र समन्वय ब्यूरो है । इसे गुटनिरपेक्ष आन्दोलन की ‘ कार्यकारी भुजा ‘ कहा जाता है ।
  • शिखर सम्मेलन में कितने प्रकार के सदस्य होते हैं ? नाम लिखिए ।
    ➥चार प्रकार के ( 1 ) पूर्ण सदस्य , ( 2 ) पर्यवेक्षक सदस्य , ( 3 ) पर्यवेक्षक गैर – राज्य सदस्य , और ( 4 ) अतिथि सदस्य ।
  • गुटनिरपेक्षता की नीति की दो विशेषताएँ लिखिए ।
    ➥( 1 ) साम्राज्यवाद , उपनिवेशवाद , शोषण एवं आधिपत्य का विरोध । ( 2 ) ऐसी नीतियों का समर्थन करना जिनसे राष्ट्र विश्व राजनीति में कम से कम भाग लें ।
  • गुट – निरपेक्ष आन्दोलन का सदस्य बनने की कोई दो योग्यताएँ बताइए ।
    ➥( 1 ) स्वाधीन नीति का अनुसरण करना । ( 2 ) राष्ट्रीय स्वाधीनता के लिये आन्दोलनों को समर्थन देना ।
  • गुटनिरपेक्षता को प्रोत्साहन देने वाले किन्हीं दो कारकों का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( i ) सैनिक गुटों से पृथक् रहना । ( ii ) स्वतन्त्र विदेश नीति के संचालन की अभिलाषा ।
  • ‘ गुटनिरपेक्षता ‘ और ‘ तटस्थता ‘ में क्या अन्तर है ?
    ➥तटस्थता अन्तर्राष्ट्रीय समस्याओं ( मुद्दों ) पर अलगाव का दृष्टिकोण अपनाती है जबकि गुटनिरपेक्षता उन पर स्वतंत्र , न्याय – अन्याय के आधार पर दृष्टिकोण अपनाती है । यह नकारात्मक नहीं सकारात्मक नीति है ।
  • गुटनिरपेक्ष देशों का प्रथम शिखर सम्मेलन कब व किसके सुझाव पर आमन्त्रित किया गया ?
    ➥गुटनिरपेक्ष देशों का प्रथम शिखर सम्मेलन यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति मार्शल टीटो के सुझाव पर सितम्बर 1961 में बेलग्रेड में आमन्त्रित किया गया था ।
  • गुटनिरपेक्षता / गुटनिरपेक्ष आन्दोलन की कोई चार उपलब्धियाँ बताइए ।
    ➥( 1 ) विश्व राजनीति में संघर्षों को टालना , ( 2 ) शीत – युद्ध को शस्त्र युद्ध में परिणित होने से रोकना , ( 3 ) गुटनिरपेक्षता को दोनों गुटों द्वारा मान्यता प्रदान करना , ( 4 ) विश्व समाज के लिए उन्मुक्त वातावरण का निर्माण करना ।
  • गुट निरपेक्षता की कोई तीन कमजोरियों का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( i ) गुटनिरपेक्षता की नीति किसी तरह सुरक्षा का साधन नहीं , ( ii ) बाह्य सहायता पर निर्भर , तथा ( iii ) सिद्धान्तत : उपयुक्त किन्तु अव्यावहारिक नीति ।
  • गुटनिरपेक्ष आन्दोलन की किन्हीं दो चुनौतियों का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( i ) गुटनिरपेक्ष देशों में पारस्परिक तनाव एवं वैमनस्य , ( ii ) आर्थिक पिछड़ापन ।
  • गुटनिरपेक्ष आन्दोलन को ‘ मानव इतिहास का सबसे बड़ा शांतिवादी आन्दोलन ‘ किसने बताया ?
    ➥श्रीमती इन्दिरा गाँधी ने गुटनिरपेक्ष आन्दोलन को मानव इतिहास का सबसे बड़ा शांतिवादी आन्दोलन बताया था ।

10. ‘ पूर्व की ओर देखो ‘ नीति

  • दक्षिण – पूर्वी एशिया में आने वाले कोई चार देशों के नाम लिखिए ।
    ➥( 1 ) म्यांमार ( बर्मा ) , ( 2 ) इण्डोनेशिया , ( 3 ) मलेशिया , ( 4 ) थाइलैण्ड ।
  • ‘ पूर्व की ओर देखो ‘ नीति क्या है ?
    ➥’ पूर्व की ओर देखो ‘ नीति भारत द्वारा दक्षिण – पूर्वी एशिया के देशों के साथ बड़े पैमाने पर आर्थिक और सामरिक सम्बन्धों को विस्तार देने , भारत को एक क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित करने और इस इलाके में चीन के प्रभाव को संतुलित करने के उद्देश्यों से बनाई गई नीति है ।
  • ‘ पूर्व की ओर देखो ‘ नीति की पृष्ठभूमि लिखिए ।
    ➥भारत ने पश्चिमी देशों के साथ व्यापार निर्भरता कम करने और दक्षिण – पूर्व एशिया तथा पूर्वी एशिया के देशों के साथ बड़े पैमाने पर आर्थिक और सामरिक सम्बन्धों को विस्तार देने के लिए इस नीति का निर्माण किया है ।
  • ‘ पूर्व की ओर देखो ‘ नीति का नया नाम क्या है ?
    ➥’ पूर्व की ओर देखो ‘ ‘ Look East Policy ‘ नीति का नया नाम Act East Policy ‘ है
  • अमेरिका ने भारत की लुक ईस्ट नीति का समर्थन क्यों किया ?
    ➥अमेरिका अपने स्वार्थ के कारण चीन की बढ़ती शक्ति को हिन्द महासागर और प्रशान्त महासागर के बीच के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करके संतुलित करना चाहता है । इसलिए अमेरिका ने भारत की इस नीति का समर्थन किया ।

11. भारत के पड़ोसी देश एवं प्रमुख शक्तियों ( अमेरिका , रूस , चीन ) के साथ सम्बन्ध

  • भारत के चार पड़ोसी देशों के नाम बताइए ।
    ➥भारत चार पड़ोसी देश – पाकिस्तान , नेपाल , श्रीलंका एवं भूटान हैं ।
  • भारत और पाकिस्तान के मध्य तनाव के दो बिन्दुओं का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( 1 ) कश्मीर विवाद , तथा ( 2 ) बढ़ता हुआ आतंकवाद ।
  • कोलम्बो प्रस्ताव क्या है ?
    ➥10 से 12 दिसम्बर , 1962 को श्रीलंका की राजधानी कोलम्बो में एशिया और अफ्रीका के कुछ मित्र – राज्यों ने भारत और चीन के सीमा विवाद को हल करने के लिए एक सम्मेलन आयोजित किया , जिसे कोलम्बो प्रस्ताव के नाम से जाना जाता है ।
  • भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव के दो मुख्य बिन्दु बताइए ।
    ➥( i ) चकमा शरणार्थियों की समस्या , तथा ( ii ) गंगा – जल के बँटवारे की समस्या ।
  • ‘ फरक्का समझौता ‘ ( Farakka Agreement ) किन देशों के बीच हुआ ?
    ➥फरक्का समझौता भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा नदी के पानी के बंटवारे की समस्या को लेकर हुआ ।
  • शिमला समझौते की मुख्य दो व्यवस्थाएँ कौनसी हैं ? अथवा 1972 में हुए शिमला समझौते की प्रमुख विशेषताएँ बताइए ।
    ➥( i ) दोनों देश अपने मतभेदों को द्विपक्षीय वार्ता द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से हल करने का प्रयास करेंगे , और ( ii ) दोनों देश एक – दूसरे के विरुद्ध बल का प्रयोग नहीं करेंगे ।
  • उन दो समझौतों के नाम लिखिए जिन्हें भारत ने पाकिस्तान के साथ 1965 व 1971 के युद्धों के बाद हस्ताक्षरित किया था ? अथवा भारत एवं पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता कब हस्ताक्षरित किया ?
    ➥भारत तथा पाकिस्तान ने 1966 में ताशकंद समझौते तथा 3 जुलाई , 1972 को शिमला समझौते पर हस्ताक्षर किए ।
  • भारत को किन दो कठिनाइयों का सामना पड़ौसियों के साथ अच्छे सम्बन्ध बनाने में करना पड़ रहा है ?
    ➥( 1 ) पड़ोसी देशों द्वारा आतंकवादियों को संरक्षण , प्रशिक्षण एवं सहयोग देना ( 2 ) सीमा विवाद एवं शरणार्थियों की समस्या ।
  • वे कौन – से देश हैं जिन्होंने शिमला समझौते पर हस्ताक्षर किये और कब किये ?
    ➥शिमला समझौते पर सन् 1972 में भारत तथा पाकिस्तान ने हस्ताक्षर किये ।
  • ‘ चकमा शरणार्थी समस्या ‘ किन दो देशों के मध्य है ?
    ➥भारत और बांग्लादेश के मध्य ।
  • ‘ लौह आवरण ‘ से क्या अभिप्राय है ?
    ➥पश्चिम के साथ संपर्क के सभी साधनों पर कड़े नियन्त्रण की एक व्यवस्था जिसने सोवियत नागरिकों की राजनीतिक , सामाजिक , बौद्धिक , सांस्कृतिक एवं पारंपरिक गतिविधियों पर प्रतिबन्ध लगा दिया था ।
  • सोवियत रूस में लौह आवरण नीति किस राजनीतिज्ञ द्वारा शुरू की गई थी ?
    ➥सोवियत रूस में लौह आवरण ( Iron Curtain ) नीति सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन द्वारा शुरू की गई थी । इसका उद्देश्य सोवियत संघ को बाहरी प्रतिकूल विचारों सुरक्षित रखना था ।
  • मधेशी समुदाय के कारण किन – किन देशों के रिश्तों में कटुता आई ?
    ➥नेपाल के मधेशी समुदाय के कारण भारत – नेपाल सम्बन्धों में कटुता आई ।
  • अमेरिका की विदेश नीति की चार विशेषताएँ बताइए ।
    ➥( 1 ) साम्यवाद का अवरोध अर्थात् ‘ प्रति दबाव ‘ की नीति का प्रयोग करना ( 2 ) सैनिक गठबन्धनों की नीति अपनाना , ( 3 ) विदेशी आर्थिक सहायता की नीति अपनाना , ( 4 ) लोकतंत्र बहाली के नाम पर अन्य देशों में हस्तक्षेप करना ।
  • निक्सन सिद्धान्त क्या है ?
    ➥निक्सन सिद्धान्त से तात्पर्य अमरीकी राष्ट्रपति निक्सन द्वारा घोषित उस नीति से है जिसमें उन्होंने कहा था कि वे साम्यवाद परिरोधन के नाम पर अब दूसरे देशों की सुरक्षा के लिए नहीं लड़ेंगे । जैसे – वियतनाम युद्ध ।
  • 123 समझौते से आप क्या समझते हैं ?
    ➥भारत व अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग हेतु बहुप्रतीक्षित समझौता हुआ जो अक्टूबर , 2008 में किया गया उसे 123 समझौता कहा जाता है ।
  • ‘ मुनरो सिद्धान्त ‘ क्या था ?
    ➥मुनरो सिद्धान्त अमेरिका का पार्थक्य सिद्धान्त था । इस सिद्धान्त के अनुसार अमेरिका ने अमेरिकी गोलार्द्ध को यूरोपीय राष्ट्रों के कार्यक्षेत्र से बाहर कर लिया । इस सिद्धान्त का उद्देश्य अमरीका को विश्वयुद्धों से दूर रखना है । 1823 में अमरीकी राष्ट्रपति मुनरो द्वारा मुनरो सिद्धान्त दिया गया था ।
  • ट्रूमैन सिद्धान्त क्या हैं ?
    ➥मध्यपूर्वी क्षेत्र में यूनान , तुर्की , ईरान आदि देशों को साम्यवादी बनने से बचाने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति ट्रूमैन ने इन्हें आर्थिक सहायता देने की नीति अपनाई । इस नीति को ट्रूमैन सिद्धान्त के नाम से जाना जाता है ।
  • अमेरिकी विदेश नीति में प्रेसलर संशोधन ‘ क्या है ?
    ➥क्लिटन प्रशासन ने सितम्बर , 1995 में प्रेसलर कानून में संशोधन करके पाकिस्तान को आर्थिक एवं सैनिक सहायता शुरू की । प्रेसलर कानून में यह संशोधन ही ‘ प्रेसलर संशोधन ‘ है ।
  • अमरीकी विदेश नीति की दो वर्तमान प्रवृत्तियों का विश्लेषण कीजिए ।
    ➥( 1 ) आश्रित एवं उपग्रही राज्यों की स्थापना की नीति । ( 2 ) विकासशील देशों पर दबाव बनाए रखने की नीति ।
  • शीत युद्धकाल में भारत – अमेरिका के मध्य विवाद के कोई दो बिन्दु लिखिए ।
    ➥( 1 ) परमाणु अप्रसार और व्यापार , ( 2 ) पाकिस्तान को सैनिक सहायता देकर भारत के विरुद्ध आक्रोश बनाए रखना ।
  • मार्शल योजना क्या थी ?
    ➥अमरीकी विदेश सचिव जॉर्ज मार्शल के नाम पर 5 जून , 1947 को मार्शल योजना लागू की गई । 1948-52 में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा यूरोप के राष्ट्रों को साम्यवादी प्रभाव से बचाने के लिए मार्शल योजना के तहत 16 यूरोपीय राज्यों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई ।
  • चतुर्थ परमाणु शिखर सम्मेलन का आयोजन कब व कहाँ पर किया गया ? भारत की तरफ से इस सम्मेलन में किसने भाग लिया ?
    ➥चतुर्थ परमाणु शिखर सम्मेलन 1 अप्रैल , 2016 को वाशिंगटन में आयोजित किया गया । भारत की तरफ से इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाग लिया ।
  • सोवियत संघ के बिखराव के बाद वे कौनसे चार गणराज्य हैं जिनकी धरती पर परमाणु हथियार मौजूद हैं ?
    ➥रूस , कजाकिस्तान , बेलारूस व उक्रेन की धरती पर सोवियत संघ के बिखराव के बाद परमाणु हथियार मौजूद हैं ।
  • मिखाइल गोर्बाच्योव द्वारा प्रतिपादित दो नयी नीतियाँ बताइए । अथवा गोर्बाच्योव जो सोवियत संघ के अन्तिम राष्ट्रपति थे , ने सोवियत संघ की विदेश नीति के संदर्भ में जिन दो सिद्धान्तों की स्थापना की , वे क्या थे ?
    ➥( 1 ) ग्लास्नोस्त ( खुलापन ) तथा ( 2 ) पेरेस्रोइका ( पुनर्गठन ) ।
  • रूस की विदेश नीति के किन्हीं तीन लक्षणों विशेषताओं को इंगित कीजिए ।
    ➥( 1 ) संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ सहयोग । ( 2 ) यूरोपीय राष्ट्रों विशेषकर जर्मनी के साथ घनिष्ठ आर्थिक सम्बन्ध । ( 3 ) भारत के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध बनाने की चेष्टा ।
  • ब्रेझनेव सिद्धान्त क्या है ?
    ➥ब्रेझनेव सिद्धान्त को रूसी राष्ट्रपति ब्रेझनेव ने घोषित किया था । इसके अनुसार किसी भी साम्यवादी राष्ट्र पर हमला ( पूर्व ) सोवियत संघ पर हमला माना जायेगा ।
  • ‘ ग्लास्नोस्त ‘ को स्पष्ट कीजिए ।
    ➥रूस की गृहनीति में मिखाइल गोर्बाच्योव ने दो बिन्दु जोड़े- ( 1 ) ग्लास्नोस्त , तथा ( 2 , पेरेस्रोइका । ‘ ग्लास्नोस्त ‘ अर्थात् ‘ खुलापन ‘ से अर्थ है – रूस को लोकतांत्रिक समाज से जोड़ना । लौह आवरण की स्टालिन की नीति के विरुद्ध बाहरी हवाओं को रूस में प्रवेश की स्वतन्त्रता ।
  • पेरेस्त्रोइका को स्पष्ट कीजिए ।
    ➥पुनर्निर्माण अर्थात् रूस की अर्थव्यवस्था को नवीन तथा सुदृढ़ आधार प्रदान करना । रूस के राजनीतिक तथा आर्थिक ढाँचे को लोकतांत्रिक ढंग से संवारना ही गोर्बाच्योव की पेरेस्त्रोइका नीति है ।
  • क्रायोजेनिक इंजनों पर किन देशों के मध्य समझौता हुआ ?
    ➥भारत एवं रूस के मध्य क्रायोजेनिक इंजनों के सम्बन्ध में समझौता हुआ जिसके तहत भारत को ये इंजन आपूर्ति किए जाने थे ।
  • रूस का स्वतन्त्र इकाई के रूप में उदय कब हुआ ?
    ➥सोवियत संघ के विघटन के बाद उसका सबसे बड़ा गणराज्य ‘ रूस ‘ अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण इकाई के रूप में अवतरित हुआ ।
  • भारत – रूस के मध्य सहमति के कोई दो बिन्दु लिखिए ।
    ➥( 1 ) दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता सहमति का बिन्दु है । ( 2 ) दोनों देशों के बीच सम्बन्धों में रक्षा का स्थान सर्वोपरि बिन्दु है जिसमें सैनिक व तकनीकी सहयोग तथा परमाणु ऊर्जा सहयोग के क्षेत्र महत्त्वपूर्ण हैं ।
  • चीनी विदेश नीति के साधन लिखिए ।
    ➥चीनी विदेश नीति के प्रमुख साधन- ( 1 ) सैनिक शक्ति का दबाव , ( 2 ) राजनीतिक , कूटनीति और प्रचारात्मक मनोवैज्ञानिक युद्ध , ( 3 ) आर्थिक प्रतियोगिता और मूलोच्छेद हैं ।
  • युआन राजनय या कूटनीति ( Yuan diplomacy ) क्या है ?
    ➥अमरीका की डॉलर कूटनीति की भाँति चीन ने अपनी मुद्रा युआन के रूप में दूसरे देशों को प्रचुर मात्रा में आर्थिक सहायता देना प्रारम्भ किया जिसे युआन राजनय या युआन कूटनीति के नाम से जाना जाता है ।
  • चीन की साम्यवादी सरकार की विदेश नीति के कोई दो लक्ष्य बताइए ।
    ➥( i ) चीन की स्वतन्त्रता और अखण्डता की रक्षा करना । ( ii ) एशिया में अपना प्रभुत्व स्थापित करना ।
  • भारत के प्रति चीन की विदेश नीति किस प्रकार की रही है ?
    ➥भारत के प्रति चीन की विदेश नीति विस्तारवादी एवं आक्रामक रही है ।
  • किस देश की विदेश नीति ‘ चारा और छड़ी ‘ की रही है ?
    ➥चीन की विदेश नीति ‘ चारा और छड़ी ‘ की रही है ।
  • एम.एफ.एन. क्या है ? इससे क्या लाभ प्राप्त होता है ?
    ➥एम.एफ.एन.का अर्थ है – सर्वाधिक अनुग्रहित राष्ट्र ( Most Favoured Nation ) । इससे सम्बन्धित देश को व्यापार करने की विशेष सुविधाएँ प्राप्त होती हैं ।
  • चीनी साम्यवादी क्रान्ति के विश्व राजनीति पर पड़े कोई दो परिणाम बताइए ।
    ➥( i ) इससे अन्तर्राष्ट्रीय साम्यवाद को बल मिला । ( ii ) इसने चीन को एक प्रचण्ड शक्ति बना दिया ।
  • चीन की विदेश नीति की कोई दो विशेषताएँ बताइए । अथवा साम्यवादी चीन की विदेश नीति की दो विशेषताओं की विवेचना कीजिए ।
    ➥( 1 ) आक्रामकता एवं विस्तारवादी नीति , तथा ( 2 ) चारा एवं छड़ी की नीति ।
  • चीन की विदेश नीति के कोई चार उद्देश्य लिखिए । अथवा चीन की विदेश नीति के किन्हीं दो उद्देश्यों अथवा लक्ष्य का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( 1 ) चीन को एक प्रचण्ड शक्ति के रूप में पुन : स्थापित करना , ( 2 ) पूर्व के आक्रान्तों द्वारा बढ़ाये गये अपमानों को धोना , ( 3 ) चीन की स्वतन्त्रता और अखण्डता की रक्षा करना , ( 4 ) एशिया में अपना प्रभुत्व स्थापित करना ।
  • चीन की साम्यवादी क्रान्ति का विश्व राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ा ?
    ➥चीन की साम्यवादी क्रान्ति ने एक ओर एशिया और अफ्रीका में राष्ट्रवादी शक्तियों को प्रोत्साहित किया तथा दूसरी ओर एशियाई विकास के मार्ग को अवरुद्ध किया

12. समसामयिक बहुध्रुवीय विश्व में भारत

  • बहु – ध्रुवीकरण से क्या अभिप्राय है ?
    ➥बहु – ध्रुवीकरण अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों में अनेक शक्ति केन्द्रों का अस्तित्व है । वासवी के शब्दों में , “” बहु – ध्रुवीय व्यवस्था में बहुत से बड़े तथा सामान्य रूप में एक जैसी शक्ति या क्षमता वाले , कम से कम पाँच राज्य शामिल होते हैं । “”
  • बहु – ध्रुवीकरण की स्थापना के कोई दो कारण लिखिए ।
    ➥( 1 ) पूर्वी यूरोप में स्वतन्त्रता लहर बहना , ( 2 ) यूगोस्लाविया तथा सोवियत समर्थक कुछ अन्य राज्यों में राष्ट्रवादी शक्तियों में वृद्धि होना ।
  • बहु – ध्रुवीय विश्व के कोई चार विचारणीय मुद्दे बताइए ।
    ➥( 1 ) मानवाधिकार , ( 2 ) निःशस्त्रीकरण , ( 3 ) अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद , ( 4 ) प्रौद्योगिकी हस्तान्तरण ।
  • बहु – ध्रुवीय विश्व में विकासशील राष्ट्रों की कोई चार माँगें बताइए ।
    ➥( 1 ) वर्तमान आर्थिक व्यवस्था की पुनः संरचना हो , ( 2 ) विकसित राष्ट्रों द्वारा विकसित तकनीक का स्थानान्तरण हो , ( 3 ) दक्षिण में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की खोज करना , ( 4 ) बहुराष्ट्रीय निगमों की गतिविधियों पर समुचित नियंत्रण हो ।
  • बहु – ध्रुवीय विश्व में गुटनिरपेक्ष के रोल में भारत की भूमिका क्या है ?
    ➥ वैचारिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि के निर्धारण में भारत की भूमिका उपनिवेशवाद का विरोध , नि : शस्त्रीकरण तथा विकास के क्षेत्र में योगदान , सहायता एवं व्यापार के न्यायपूर्ण ढाँचे की स्थापना तथा अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद को समाप्ति के प्रयास आदि में महत्त्वपूर्ण है ।

13. अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में समसामयिक प्रवृत्तियाँ तथा मुद्दे

  • विश्व राजनीति में उभरती कोई दो नवीन प्रवृत्तियों का उल्लेख कीजिए । अथवा अन्तर्राष्ट्रीय ➥राजनीति में उभरती हुई दो नवीन प्रवृत्तियों के नाम लिखिए ।
    ( i ) शीतयुद्ध का अन्त , तथा ( ii ) एक – ध्रुवीय विश्व ।
  • समकालीन अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में उदीयमान तीन नए संगठनों के नाम बताइए ?
    ➥समकालीन अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में उदीयमान तीन नए संगठन हैं ( 1 ) गुप -15 , ( 2 ) नाफ्टा ( उत्तरी अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता ( 3 ) बिम्सटेक ( बांग्लादेश , भारत , श्रीलंका , थाइलैण्ड , म्यांमार , भूटान व नेपाल द्वारा निर्मित क्षेत्रीय सहयोग समूह ) ।
  • वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थिति में क्या परिवर्तन हुआ है ?
    ➥संयुक्त राष्ट्र की सदस्य संख्या में वृद्धि होने के साथ – साथ अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति उसकी सक्रियता बढ़ी है ।
  • वर्तमान में आर्थिक विकास के लिए दुनिया के अधिकांश देशों ने किस की अर्थव्यवस्था को अपनाया है ?
    ➥आर्थिक विकास के लिए दुनिया के अधिकांश देशों ने वर्तमान में पूँजीवादी में या बाजारोन्मुख अर्थव्यवस्था का सिद्धान्त अपनाया
  • पूँजीवादी अर्थव्यवस्था की विशेषताएँ लिखिए । ( कोई चार )
    ➥( 1 ) मुक्त व्यापार , ( 2 ) स्वतंत्र समझौते , ( 3 ) बाजार तथा बाजारु समाज , ( 4 ) निजी सम्पत्ति और आर्थिक स्वतन्त्रता ।
  • निःशस्त्रीकरण क्या है ?
    ➥निःशस्त्रीकरण से आशय है – कुछ या सब शस्त्रों में कटौती या उनको समाप्त व ताकि शस्त्रीकरण की दौड़ का अन्त हो ।
  • निःशस्त्रीकरण से आप क्या समझते हैं ?
    ➥निःशस्त्रीकरण का अर्थ है – शारीरिक हिंसा के प्रयोग के समस्त भौतिक तथा मानवीय साधनों का उन्मूलन । यह एक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य हथियारों के अस्तित्व और उनकी प्रकृति से उत्पन्न कुछ विशिष्ट खतरों को कम करना है । इससे हथियारों सीमा निश्चित करने या उन पर नियन्त्रण करने या उन्हें घटाने का विचार होता है ।

14. पश्चिम एशिया की राजनीति

  • एशियाई राष्ट्रों की दो राजनीतिक समस्याएँ बताइए ।
    ➥( i ) एशिया का राष्ट्रवाद उग्र होता जा रहा है । ( ii ) राजनीतिक जागरण से एशिया नागरिकों में अधिक आकांक्षाएँ और माँगें बढ़ गई हैं ।
  • पश्चिम एशिया शान्ति वार्ताओं में मध्यस्थ की भूमिका अदा करने वाले का नाम बताइए ।
    ➥संयुक्त राज्य अमेरिका पश्चिम एशिया शान्ति वार्ताओं में मध्यस्थ की भूमिका : करता रहा है ।
  • अरब – इजरायल संघर्ष के कोई दो कारण लिखिए ।
    ➥( i ) इजरायल राज्य की मान्यता एवं सुरक्षा का मुद्दा , तथा ( ii ) शरणार्थी समस्या ।
  • ‘ बेलफोर घोषणा ‘ से क्या तात्पर्य है ? अथवा बेलफोर उद्घोषणा क्या थी ?
    ➥1917 ई . में ब्रिटेन के विदेश मंत्री बेलफोर ने घोषणा की कि ब्रिटिश सरकार फिलिस्तीन में यहूदियों के लिए एक राष्ट्रीय गृह का निर्माण करना चाहती है । विश्व के यहूदियों ने इस घोषणा को फिलीस्तीन उन्हें सौंपने का ब्रिटिश वायदा मान लिया और दुनिया भर से यहूदी फिलीस्तीन आकर बसने लगे ।
  • इजरायल राज्य का प्रादुर्भाव कब हुआ ? इसके सम्बन्ध में अरब राज्यों का क्या दृष्टिकोण था ?
    ➥फिलिस्तीन पर ब्रिटिश मैण्डेट की घोषणा के साथ ही 15 मई , 1948 को इजरायल राज्य का प्रादुर्भाव हुआ । अरब राज्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया ।
  • पश्चिम एशिया में अस्थिरता का दौर खत्म नहीं होने के वर्तमान में प्रमुख कारण क्या हैं ?
    ➥वर्तमान में तीन प्रमुख कारण हैं- ( 1 ) दक्षिण लेबनान में सक्रिय हिजबुल्ला , ( 2 ) फिलिस्तीन की कमान संभाले हुए हमास और ( 3 ) इजराइल का संकट ।
  • फिलिस्तीन राज्य की घोषणा किसने तथा कब की ? अथवा फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना किसने तथा कब की ?
    ➥15 नवम्बर , 1988 को फिलिस्तीनी मुक्ति संगठन के नेता यासिर अराफात ने इजरायल अधिकृत इलाके में स्वतन्त्र फिलिस्तीन राज्य की स्थापना की घोषणा की ।
  • फिलिस्तीन मुक्ति संगठन ( PLO ) क्या है ?
    ➥फिलिस्तीन मुक्ति संगठन फिलिस्तीन राज्य की स्वतंत्रता के लिए यासिर अराफात के नेतृत्व में बनाया गया एक संगठन है ।
  • पी.एल.ओ. के उद्देश्य क्या हैं ? किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( i ) फिलिस्तीन में एक भेदभाव रहित प्रजातान्त्रिक फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना करना , तथा ( ii ) फिलिस्तीन को मुक्त कराना ।
  • ढरकी कूटनीति से क्या आशय है ?
    ➥मिस्र व इजरायल के बीच 2 सितम्बर , 1975 को डॉ . किसिंगर अपनी कूटनीति के कारण सिनाय समझौते में सफल रहे । उनकी इस कूटनीति को ‘ ढरकी कूटनीति ‘ कहते हैं ।
  • फिलिस्तीन को यूनेस्को ‘ की पूर्ण सदस्यता कब प्रदान की गई ?
    ➥31 अक्टूबर , 2011 को पेरिस में यूनेस्को मुख्यालय में फिलिस्तीन को पूर्ण सदस्यता प्रदान की गई ।
  • चतुर्थ अरब – इजरायल विवाद के दो कारण बताइए ।
    ➥( 1 ) इजरायल का कठोर , हठी एवं विस्तारवादी दृष्टिकोण , ( 2 ) अरब राष्ट्र शान्ति प्रयासों में गतिरोध तोड़ना चाहते थे ताकि अपने खोये क्षेत्रों को प्राप्त कर सकें ।
  • हमस क्या है ?
    ➥हमस इजरायल और फिलीस्तीन के बीच शान्ति वार्ताओं का विरोधी एक उग्रवादी कट्टरपंथी मुसलमानों का संगठन है ।
  • ‘ तेल कूटनीति / राजनीति ‘ से आप क्या समझते हैं ?
    ➥’ तेल कूटनीति / राजनीति ‘ से आशय है – तेल का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए एक शस्त्र के रूप में प्रयोग करना ।
  • तेल संकट समझाइए ।
    ➥तेल संकट से अभिप्राय है – तेल का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए एक शस्त्र के रूप में प्रयोग किया जाना । जैसे- ( 1 ) तेल निर्यातक देश तेल उत्पादन में कमी ला सकते हैं । ( 2 ) वे तेल निर्यात में आंशिक या पूर्ण प्रतिबन्ध लगा सकते हैं ।
  • ‘ ओपेक ‘ का पूरा नाम क्या है ? अथवा ओपेक क्या है ?
    ➥OPEC का पूरा नाम Organization of Petroleum Exporting Country ( तेल निर्यातक देशों का संगठन ) है । वर्तमान में ओपेक में 14 सदस्य राष्ट्र इसका मुख्यालय वियना ( आस्ट्रिया ) में है ।
  • ओपेक के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं ?
    ➥( i ) सदस्य देशों के हितों की रक्षा , ( ii ) तेल नीति में एकात्मकता स्थापित करना
  • खाड़ी युद्ध क्या है ?
    ➥2 अगस्त , 1990 को इराकी शासक सद्दाम हुसैन की सेनाओं द्वारा पड़ोसी राज्य कुवैत पर आक्रमण करने की घटना को खाड़ी युद्ध कहा जाता है । इस युद्ध में इराक विरोधी बहुराष्ट्रीय सेना में 30 देश शामिल हुए थे । तेल के कारण पश्चिम एशिया तथा खाडी क्षेत्र महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा का केन्द्र बने हुए हैं ।
  • आई.एस.आई.एस. ( I.S.I.S. ) क्या है ?
    ➥आई.एस.आई.एस. का पूरा नाम है – इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एण्ड ग्रेटर सीरिया यह अलकायदा से उत्पन्न एक आतंकवादी गुट है जिसका प्रभाव सीरिया तथा इराक में है ।
  • कच्चे तेल के दामों में गिरावट आने के तीन कारण लिखिए ।
    ➥( 1 ) अमरीका में शैल गैस और तेल क्रांति , ( 2 ) रूस का यूक्रेन को लेकर अड़ियल रवैया रखना । ( 3 ) कोविड -19 के कारण विश्व के अनेक देशों में अर्थव्यवस्था धीमा होना ।

15. नवीन विश्व अर्थव्यवस्था प्रश्न

  • अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था स्थापित करने का सर्वप्रथम प्रयास कहाँ किया गया ?
    ➥अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था स्थापित करने का सर्वप्रथम प्रयास द्वितीय विश्व युद्ध के समाप्ति के बाद ब्रेटनवुड्स में किया गया था ।
  • ‘ नवीन अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था ‘ ( नीओ ) से आप क्या समझते हैं ? अथवा नवीन अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से क्या तात्पर्य है ?
    ➥नवीन अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से तात्पर्य है – विकासशील देशों का आर्थिक विकास पूँजीवादी देशों की स्वेच्छा पर निर्भर न रहे , बहुराष्ट्रीय निगम उन्हें कच्चा माल उत्पादन करने वाले उपनिवेश न मानें । विश्व आर्थिक व्यवस्था का संचालन एक – दूसरे व सम्प्रभुता का समादर , अहस्तक्षेप तथा कच्चे माल पर उत्पादक राष्ट्र का पूर्णाधिकार आदि सिद्धान्तों पर हो ।
  • नवीन अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था के चार बुनियादी सिद्धान्त लिखिए ।
    ➥( 1 ) विकसित देशों के साथ व्यापार की वरीयता का विस्तार । ( 2 ) विश्व मुद्रा सामान्यीकरण करना । ( 3 ) विकासशील देशों द्वारा उत्पादित औद्योगिक माल के निर्यात को प्रोत्साहन देना । ( 4 ) बहुराष्ट्रीय निगमों की गतिविधियों पर समुचित नियन्त्रण लगाना
  • नवीन अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के कोई दो उद्देश्य लिखिए ।
    ➥( 1 ) नई अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था विकासशील देशों के बीच आर्थिक सहयोग तथा मुख्य क्षेत्रों के समन्वित विकास पर बल देती है । ( 2 ) नई अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था समान तथा न्यायोचित आधार पर विश्व के आर्थिक सम्बन्धों की पुनः संरचना स्थापित करना चाहती है ।
  • नई अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की स्थापना के लिए किये गये सभी प्रयास असफल क्यों रहे ? ➥किन्हीं दो कारणों का उल्लेख कीजिए ।
    ( i ) विकसित देशों का कठोर रुख , तथा ( ii ) आर्थिक उपनिवेशीकरण के बढ़ने की सम्भावना ।
  • नई अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था के घटक कौन से हैं ?
    ➥नई अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था के प्रमुख दो घटक हैं- ( 1 ) उत्तर – दक्षिण संवाद , एवं ( 2 ) दक्षिण – दक्षिण संवाद ।
  • नई अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य क्या है ?
    ➥गरीब राष्ट्रों को उनके आर्थिक विकास में विकसित राष्ट्रों के सहयोग से मदद पहुँचाना तथा विश्व – स्तर , राष्ट्रीय और व्यक्तिगत स्तर पर समानता को प्राप्त करना इसका प्रमुख लक्ष्य है ।
  • दक्षिण – दक्षिण संवाद से आपका क्या तात्पर्य है ?
    ➥दक्षिण – दक्षिण संवाद से तात्पर्य है – विकासशील देशों के मध्य आर्थिक सहयोग के लिए विचार – विमर्श या आपसी सहयोग के आधार की खोज । दक्षिण – दक्षिण सहयोग यह इंगित करता है कि विकासशील राष्ट्रों को उत्तरी गोलार्द्ध के विकसित राष्ट्रों पर अपने आर्थिक विकास के लिए निर्भर न होकर विकासशील राष्ट्रों सहयोग के ऐसे प्रयत्न करने चाहिए जिससे वे आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ें ।
  • उत्तर – दक्षिण संवाद से क्या तात्पर्य है ?
    ➥उत्तर – दक्षिण संवाद से तात्पर्य उस वार्ता से है जो दक्षिण के देश उत्तर के देशों के साथ मिलकर अपने विकास के लिए वर्तमान अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए करते हैं ।
  • उत्तर – दक्षिण संवाद के दो मुख्य उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( 1 ) विकसित देशों के साथ व्यापार की वरीयता का विस्तार करना , ( 2 ) विकासशील देशों व विकसित देशों के मध्य तकनीकी उत्थान के अंतर को कम करना ।
  • उत्तर – उत्तर संवाद से क्या आशय है ?
    ➥भौगोलिक आधार पर समस्त संसार दो गोलार्धो – उत्तरी गोलार्द्ध तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में विभाजित है । उत्तर से तात्पर्य पूंजीवादी विचारधारा रखने वाले विकसित औद्योगिक देशों से है जहाँ पर तकनीकी विकास व उत्पादन अपनी चरम सीमा पर है । उत्तर उत्तर संवाद से आशय विकसित और विकसित राष्ट्रों के मध्य विचार – विमर्श से हैं ।
  • जी -15 की स्थापना कहाँ तथा कब की गई ?
    ➥जी -15 की स्थापना 1989 में बेलग्रेड में गुटनिरपेक्ष सम्मेलन के समय की गयी ।
  • ग्रुप ऑफ 77 ( G – 77 ) क्या है ?
    ➥1960 के दशक में संयुक्त राष्ट्र संघ के लगभग दो – तिहाई सदस्य विकासशील तीसरी दुनिया के देश थे जो अपने आप को ग्रुप ऑफ -77 कहने लगे । इसकी स्थापना 1964 में की गई थी । ग्रुप ऑफ -77 विकासशील देशों की एकता का परिचायक है । ये संगठित होकर सौदेबाजी करना चाहते हैं । वर्तमान में इनकी संख्या 130 है फिर भी इनको ग्रुप ऑफ -77 ही कहा जाता है ।
  • नई अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था के विश्व व्यापार सम्बन्धी उद्देश्य बताइए ।
    ➥व्यापार को निरन्तर मुक्त कर विकसित राष्ट्रों के संरक्षणवाद को समाप्त करना , जिससे कि विकासशील राष्ट्रों को अपनी वस्तुएँ निर्यात करने में अधिक कठिनाई न हो ।
  • विश्व व्यापार संगठन क्या है ?
    ➥1 जनवरी , 1995 को गैट ( GATT ) के स्थान पर विश्व व्यापार संगठन ( WTO ) की स्थापना हुई । यह अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार समझौते की व्याख्या एवं क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त करता है । इस संगठन के कार्यक्षेत्र में – बौद्धिक सम्पदा अधिकार , विदेशी पूँजी निवेश उपाय , सेवाओं में व्यापार का समझौता , बाजार विस्तार , कपड़ा उद्योग , कृषि और संस्थागत मामलों का समावेश किया गया है ।

16. क्षेत्रीय सहयोग संगठन : आसियान , सार्क , ब्रिक्स , इब्सा

  • क्षेत्रीय संगठनों का अर्थ स्पष्ट कीजिए । अथवा क्षेत्रीयतावादी संगठन से क्या आशय है ?
    ➥सामाजिक , राजनीतिक , आर्थिक , सांस्कृतिक , वैज्ञानिक और जनकल्याण के सामान्य हितों की पूर्ति के लिए एक निश्चित क्षेत्र के अन्दर सम्प्रभु राष्ट्रों का बनाया गया संगठन क्षेत्रीय अथवा क्षेत्रीयतावादी संगठन कहलाता है ।
  • आसियान क्या है ? अथवा आसियान ( ASEAN ) का पूरा नाम लिखिए ।
    ➥आसियान का पूरा नाम ‘ दक्षिण – पूर्वी एशियाई राष्ट्र संघ ‘ है । यह इण्डोनेशिया , मलेशिया , फिलीपीन्स , सिंगापुर तथा थाइलैण्ड का एक प्रादेशिक संगठन है ।
  • आसियान का मुख्यालय कहाँ स्थित / अवस्थित है ?
    ➥आसियान का मुख्यालय जकार्ता ( इण्डोनेशिया ) में स्थित है । आसियान का महासचिव उसका अध्यक्ष होता है ।
  • आसियान के किन्हीं दो उद्देश्यों को बताइए ।
    ➥( 1 ) दक्षिण – पूर्वी एशिया में आर्थिक प्रगति को त्वरित करना और उसके स्थायित्व को बनाए रखना । ( 2 ) इस क्षेत्र में एक साझा बाजार तैयार करना और सदस्य देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना ।
  • आसियान देश किसके लिए प्रयत्नशील हैं ?
    ➥आसियान देश प्राथमिकता के आधार पर सीमित वस्तुओं के ‘ स्वतन्त्र व्यापार क्षेत्र ‘ ( साझा व्यापार ) स्थापित करने के लिए प्रयत्नशील हैं ।
  • आसियान ( ASEAN ) देशों के नाम बताइए ।
    ➥आसियान के 10 सदस्य राष्ट्र हैं – इण्डोनेशिया , मलेशिया , फिलीपीन्स , सिंगापुर , थाइलैण्ड , ब्रूनेई , वियतनाम , लाओस , म्यांमार तथा कम्बोडिया ।
  • सार्क या दक्षेस का पूरा शाब्दिक स्वरूप क्या है ? अथवा दक्षेस ( सार्क ) का पूरा नाम लिखिए ।
    ➥दक्षेस अथवा सार्क का पूरा नाम है – ‘ साउथ एशियन एसोसियेशन फॉर रीजनल को – ऑपरेशन ‘ तथा दक्षेस का पूर्ण शाब्दिक स्वरूप दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ ‘ है । सार्क दक्षिण एशिया के आठ देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है । ये देश आपस में क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा करते हैं तथा समाधान के उपाय ढूँढ़ते हैं ।
  • सार्क के सदस्य देशों की संख्या लिखिए ।
    ➥सार्क के सदस्य देशों की संख्या आठ ( 8 ) है ।
  • सार्क के सदस्य देशों के नाम लिखिए ।
    ➥भारत , पाकिस्तान , बंगलादेश , नेपाल , भूटान , श्रीलंका , मालदीव और अफगानिस्तान सार्क के सदस्य देश हैं । अफगानिस्तान को 2007 में सदस्यता प्रदान की गई ।
  • सार्क के किन्हीं दो उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए ।
    ➥बूझ तथा एक – दूसरे की समस्याओं का मूल्यांकन करना ।
  • सार्क की सफलता के लिए कोई दो सुझाव दीजिए ।
    ➥( i ) महाशक्तियों को क्षेत्र से दूर रखा जाए । ( ii ) द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा दिया जाए ।
  • सार्क के सम्मुख प्रमुख समस्याओं में से किन्हीं दो का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( i ) सार्क के सदस्य राष्ट्रों में अत्यधिक विविधता है । ( ii ) सार्क के सदस्य देशों में आपसी विवाद और संघर्ष के अनेक मुद्दे विद्यमान हैं ।
  • सार्क ( दक्षेस ) को शक्तिशाली बनाने हेतु तीन सुझाव दीजिए ।
    ➥( 1 ) इस क्षेत्र को महाशक्तियों के चंगुल से दूर रखा जाए । ( 2 ) अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर सार्क देशों द्वारा सर्वसम्मत दृष्टिकोण अपनाया जाए । ( 3 ) सांस्कृतिक सम्पर्क एवं एक – दूसरे के देश के लोगों की आवाजाही को प्रोत्साहन दिया जाए ।
  • दक्षिण एशियाई देशों का क्षेत्रीय संगठन बनाने का विचार किसने दिया था ?
    ➥यह विचार बांग्लादेश के तत्कालीन राष्ट्रपति जिया – उर – रहमान ने दिया था ।
  • सार्क देशों की मंत्रिपरिषद् को समझाइए ।
    ➥सार्क के चार्टर के अनुच्छेद 4 के अनुसार मंत्रिपरिषद् सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की परिषद् है । इसकी छह माह में एक बैठक होना आवश्यक है । इस मंत्रिपरिषद् के कार्य हैं – संघ की नीति निर्धारित करना , सामान्य हित के मुद्दों के बारे में निर्णय करना , सहयोग के नए क्षेत्र खोजना आदि ।
  • साफ्टा ( SAFTA ) ?
    ➥साफ्टा ( SAFTA ) का पूरा रूप है- ‘ South Asian Free Trade Area ‘ ( दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र ) । दक्षेस देशों द्वारा इस संगठन के माध्यम से क्षेत्र में मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने के लिए इसका निर्माण किया गया जिससे कि क्षेत्र का आर्थिक और तकनीकी विकास सम्भव तेजी से हो सके ।
  • साप्टा ( SAPTA ) का पूरा शाब्दिक स्वरूप बताइए ।
    ➥साप्टा ( SAPTA ) का पूरा नाम- South Asian Preferential Trade Arrangement ( दक्षिण एशियाई वरीयता व्यापार व्यवस्था ) है । यह दक्षेस देशों द्वारा गठित संगठन है जिसके तहत सभी देशों में व्यापार की शर्तों को उदार बनाने का संकल्प लिया गया है ।
  • ‘ ब्रिक्स ‘ ( BRICS ) क्या है ?
    ➥ब्रिक्स , विश्व की पाँच उभरती हुई राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है । इसके पाँच घटक राष्ट्र ब्राजील , रूस , भारत , चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं । इन्हीं देशों के अंग्रेजी नाम के प्रथम अक्षर B.R. I.C . S से मिलकर इस समूह का नामकरण हुआ है । विश्व की 40 प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करने वाले इस समूह की स्थापना 16 जून , 2009 को चेकतेरिनबर्ग ( रूस ) में हुई थी ।
  • ब्रिक्स के कोई दो उद्देश्य लिखिए ।
    ➥( 1 ) विभिन्न क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच पारस्परिक लाभकारी सहयोग को आगे बढ़ाना । ( 2 ) एक न्यायपूर्ण तथा समतापूर्ण विश्व व्यवस्था की स्थापना करना जो कि किसी एक समूह में न होकर बहुपक्षीय प्रकृति की हो ।
  • ब्रिक्स का ग्यारहवाँ शिखर सम्मेलन कब व कहाँ हुआ ?
    ➥ब्रिक्स का ग्यारहवाँ शिखर सम्मेलन 13-14 नवम्बर , 2019 को ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में आयोजित किया गया । इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया ।
  • ब्रिक्स देशों के बीच आपसी दो मुद्दे लिखिए ।
    ➥( 1 ) भारत और चीन के बीच सीमा विवाद होना , ( 2 ) ब्राजील चीन की मुद्रा युआन को जानबूझकर सस्ता रखे जाने पर चिंतित ।
  • ‘ इब्सा ‘ ( IBSA ) क्या है ? अथवा ‘ इब्सा ‘ ( IBSA ) का पूरा शाब्दिक अर्थ लिखिए ।
    ➥इब्सा ( IBSA ) —India , Brazil and South Africa- भारत , ब्राजील , दक्षिण अफ्रीका , तीन बड़े राज्यों के संयुक्त उद्देश्यों तथा व्यापारिक , आर्थिक एवं राजनीतिक सहयोग के लिए एक त्रिपक्षीय संगठन है । इसका गठन ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में 6 जून , 2003 को किया गया था ।
  • ‘ इब्सा ‘ के कोई दो उद्देश्य लिखिए ।
    ➥( 1 ) इब्सा का उद्देश्य नवीन अन्तर्राष्ट्रीय व्यवस्था के निर्माण में योगदान करना , वैश्विक विषयों पर मिलकर अपनी आवाज उठाना , विभिन्न क्षेत्रों में अपने सहयोग को मजबूत करना तथा ( 2 ) दक्षिण – दक्षिण सहयोग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है ।
  • इब्सा महिला मंच गठन का उद्देश्य क्या है ?
    ➥इब्सा महिला मंच गठन का उद्देश्य है – लिंगभेद समाप्ति और महिला सशक्तिकरण की दिशा में सिविल सोसायटी के साथ मिलकर अपने प्रयासों को तीव्र करना , महिलाओं के हिंसामुक्त और समानता आधारित सतत विकास हेतु महिला सशक्तिकरण के संकेतक तैयार करने पर बल देना ।

17. संयुक्त राष्ट्र में सुधार की माँग एवं संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता

  • संयुक्त राष्ट्र में सुधार के लिए 16 सदस्यीय समिति का गठन कब व किसके द्वारा किया गया ?
    ➥संयुक्त राष्ट्र में सुधार के लिए 16 सदस्यीय समिति का गठन 4 नवम्बर , 2003 को तत्कालीन संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान द्वारा किया गया ।
  • 16 सदस्यीय समिति ने सुरक्षा परिषद के पुनर्गठन के सम्बन्ध में कौनसी दो वैकल्पिक योजनाएँ प्रस्तुत की ?
    ➥( 1 ) समिति द्वारा प्रस्तुत पहले विकल्प के अन्तर्गत स्थायी सदस्यों की संख्या 6 बढ़ाने की सिफारिश की गई । ( 2 ) दूसरे विकल्प के अन्तर्गत स्थायी सदस्यों की संख्या पूर्ववत् ही रहेगी तथा इसमें कोई वृद्धि नहीं होगी , लेकिन अस्थायी सदस्यों की एक नई श्रेणी के सृजन की सिफारिश की गई ।
  • समूह G – 4 के देशों के नाम बताइए । अथवा ग्रुप -4 क्या है ?
    ➥समूह G – 4- जर्मनी , जापान , भारत और ब्राजील का समूह है जो सन् 2004 में अस्तित्व में आया । इनका उद्देश्य सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता प्राप्त करना है ।
  • संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता हेतु भारत की दावेदारी के समर्थन में चार तर्क दीजिए । अथवा भारत के सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य बनने के पक्ष में दो तर्क दीजिए ।
    ➥( 1 ) भारत एक विकासशील राष्ट्र है । ( 2 ) भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है । ( 3 ) चीन के बाद भारत ही जनसंख्या में द्वितीय स्थान रखता है । ( 4 ) भारत सैनिक , आर्थिक एवं तकनीकी दृष्टि से परमाणु सम्पन्न राष्ट्र का दर्जा रखता है ।
  • 14 नवम्बर , 1970 को कितने देशों ने सुरक्षा परिषद् की संख्या बढ़ाने हेतु महासभा में प्रस्ताव पेश किया ?
    ➥14 नवम्बर , 1970 को भारत सहित 19 गुटनिरपेक्ष देशों ने सुरक्षा परिषद् की संख्या बढ़ाने हेतु महासभा में प्रस्ताव पेश किया ।
  • संयुक्त राष्ट्र संगठन हेतु कोई दो सुधार लिखिए ।
    ➥दो सुधार- ( 1 ) निषेधाधिकार ( Veto ) प्रक्रिया में उचित व तर्कसंगत संशोधन किया जाए । ( 2 ) घरेलू क्षेत्राधिकार की स्पष्ट व्याख्या की जाए ।

18. समसामयिक वैश्विक मुद्दे : मानव अधिकार , पर्यावरणीय मुद्दे , लैंगिक न्याय , आतंकवाद , परमाणु प्रसार

  • मानव अधिकार का अर्थ स्पष्ट कीजिए । अथवा मानवाधिकारों का क्या अर्थ है ?
    ➥मानव अधिकार ऐसे अधिकार हैं जिनके बिना मानव अपने व्यक्तित्व के पूर्ण विकास के बारे में सोच भी नहीं सकता जो कि मानव में मानव होने के फलस्वरूप अन्तर्निहित हैं । मानवाधिकार वे अधिकार हैं जो एक मानव होने के नाते निश्चित रूप से सबको प्राप्त होते हैं ।
  • मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा कब की गई थी ?
    ➥10 दिसम्बर , 1948 को ।
  • भारत में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्थापना कब की गई थी ?
    ➥भारत में मानवाधिकारों के संरक्षण एवं समृद्धि के लिए अक्टूबर , 1993 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्थापना की गई थी ।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कोई दो कार्य बताइए ।
    ➥दो कार्य- ( 1 ) आयोग को मानवीय अधिकारों के हनन और मानवीय अधिकारों के हनन की रोकथाम में सरकारी कर्मचारियों की उपेक्षा की सभी शिकायतों पर विचार करने का अधिकार होगा । ( 2 ) वह किन्हीं अन्य कृत्यों का निर्वहन कर सकता है जिन्हें वह मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए आवश्यक समझता है ।
  • 1993 के विश्व मानवाधिकार सम्मेलन की कोई दो उपलब्धियाँ बताइए ।
    ➥( 1 ) मानवाधिकारों के लिए एक उच्चायोग के गठन की सिफारिश करना । ( 2 ) आतंकवादी गतिविधियों को मानवाधिकारों पर चोट माना गया ।
  • ‘ पर्यावरण ‘ शब्द से क्या तात्पर्य है ?
    ➥पर्यावरण शब्द फ्रेंच भाषा के ENVIRONER से बना है जिसका अभिप्राय समस्त पारिस्थितिकी अथवा परिवृत्ति से होता है । इसके अन्तर्गत सभी स्थितियाँ , परिस्थितियाँ , दशाएँ तथा प्रभाव , जो कि जैव अथवा जैविकीय समूह पर हो रहे हैं , शामिल हैं ।
  • ‘ एजेण्डा – 21 ‘क्या है ?
    ➥एजेण्डा -21 एक वृहद दस्तावेज है । इसमें समुद्र , तापमान एवं जैव विविधता के बारे में चर्चा की गई है और ऐसे तरीके बताए गए हैं जिनसे पर्यावरण को संरक्षण देते हुए विकास किया जा सके ।
  • पृथ्वी को बढ़ते हुए तापमान से बचाने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन कब व कहाँ हुआ ?
    ➥पृथ्वी को बढ़ते हुए तापमान से बचाने के लिए दिसम्बर , 1997 में जापान के क्योटो नगर में यह सम्मेलन हुआ ।
  • क्योटो प्रोटोकॉल ( Kyoto Protocol ) क्या है ?
    ➥दिसम्बर , 1997 में जापान के क्योटो नगर में पृथ्वी को बढ़ते तापमान से बचाने के लिए एक ग्लोबल वार्मिंग सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसे ‘ क्योटो प्रोटोकॉल ‘ के नाम से जाना जाता है । इस सम्मेलन में सभी राष्ट्र वातावरण को गर्म करने वाली गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने पर सहमत हुए ।
  • UNFCCC क्या है ?
    ➥UNFCCC का पूरा रूप है- ‘ United Nations Framework Convention on Climate Change ‘ । यह एक अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरणीय संगठन है जिसकी स्थापना 9 मई , 1992 को हुई थी । इसके द्वारा आयोजित सम्मेलन को COP ( कोप ) के नाम से जाना जाता है ।
  • जैव – विविधता समझौता क्या है ?
    ➥जैव – विविधता समझौते पर जून , 1992 में रियो पृथ्वी सम्मेलन में हस्ताक्षर किए गए थे । इस समझौते में इस बात पर जोर दिया गया है कि सभी राष्ट्र अपनी सीमाओं में वानस्पतिक एवं जीव – जन्तुओं की विभिन्न जातियों को सुरक्षित करें तथा विकसित देश ‘ ग्लोबल एनवायरनमेण्टल फैसिलिटी ‘ में उपलब्ध फण्ड की सहायता से विकासशील देशों को जैव – विविधता की रक्षा करने हेतु प्रेरित करें ।
  • लैंगिक असमानता का क्या अर्थ है ?
    ➥समाज में लैंगिक आधार पर महिलाओं के साथ भेदभाव करना , महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कमजोर समझना तथा घर एवं समाज दोनों जगहों पर शोषित , अपमानित एवं पीड़ित करना लैंगिक असमानता है ।
  • महिलाओं के प्रति भेदभाव से सम्बन्धित निगरानी रखने वाली संस्था कौनसी है ?
    ➥’ कमेटी ऑन द एलिमिनेशन ऑफ डिस्क्रिमिनेशन अगेन्स्ट वीमन ‘ । यह समिति महिलाओं के प्रति सभी प्रकार के भेदभाव पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के पालन पर निगरानी रखती है ।
  • यूएन वूमेन से आप क्या समझते हैं ?
    ➥विश्व में महिलाओं की समानता के मुद्दे को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक एजेन्सी का गठन 3 जुलाई , 2010 को किया गया जिसे यूएन वूमेन के नाम से जाना जाता है ।
  • ‘ स्वतंत्र सेक्स और बच्चों की सामूहिक देखभाल ‘ का पक्षधर नारीवाद का कौनसा रूप है ?
    ➥रेडिकल फैमिनिज्म या उग्रवादी नारीवाद ।
  • आतंकवाद क्या है ? अथवा आतंकवाद का क्या अर्थ है ?
    ➥आतंकवाद एक ऐसा आपराधिक कृत्य है जो राज्य के विरुद्ध छेड़ा गया हो और जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष अथवा व्यक्तियों के समूह अथवा आम जन के दिमाग में भय पैदा करना हो ।
  • आतंकवाद को परिभाषित कीजिए ।
    ➥ब्रियां एम . जेन्किन्स के शब्दों में , “” हिंसा की धमकी , व्यक्तिगत हिंसात्मक कृत्य और लोगों को आतंकित करने के उद्देश्य से हिंसा का विचार आतंकवाद है । “”
  • अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद क्या है ?
    ➥जब आतंकवादी विश्व के विभिन्न देशों में संगठित होकर अपने राजनीतिक तथा धार्मिक उद्देश्यों की पूर्ति हेतु सार्वजनिक हिंसा , हत्याएँ , बम विस्फोट , विमान अपहरण , बैंक डकैतियाँ , प्रमुख व्यक्तियों का अपहरण आदि आतंकवादी गतिविधियाँ या कार्यवाहियाँ विश्व पटल पर करते हैं तो यह स्वरूप अन्तर्राष्ट्रीय आतंकवाद कहलाता है
  • आतंकवाद के किन्हीं चार कारणों का उल्लेख कीजिए ।
    ➥( i ) शोषण एवं अन्याय की प्रवृत्तियाँ , ( ii ) दलीय राजनीति , चुनावी राजनीति और शासक वर्ग द्वारा संवैधानिक प्रावधानों का दुरुपयोग , ( iii ) अवैध शस्त्रों का निर्माण और शस्त्र भण्डार , तथा ( iv ) नवयुवकों में तीव्र असंतोष ।
  • आतंकवाद में प्रयुक्त कोई चार साधन बताइए ।
    ➥( i ) विमानों का अपहरण , ( ii ) राजनयिकों व प्रमुख हस्तियों का अपहरण , ( iii ) सार्वजनिक नेताओं की हत्या , तथा ( iv ) तोड़ – फोड़ व बम विस्फोट आदि ।
  • जम्मू – कश्मीर में आतंकवाद की स्थिति कब से बनी हुई है ? इस क्षेत्र में कौन से संगठन आतंकवाद में संलग्न हैं ?
    ➥जम्मू – कश्मीर राज्य में 1987 से ही आतंकवाद की स्थिति बनी हुई है । इस क्षेत्र में जम्मू – कश्मीर लिबरेशन फ्रण्ट ( JKLF ) , कश्मीर लिबरेशन आर्मी ( KLA ) , हिजबुल मुजाहिद्दीन , अलफरान आदि संगठन आतंकवाद में संलग्न हैं ।
  • आतंकवाद की कार्य – प्रणाली के दो उदाहरण दीजिए ।
    ➥( 1 ) ज्वलनशील पदार्थों , बमों तथा आग्नेयास्त्रों के प्रयोग द्वारा विनाशलीला करना , ( 2 ) प्रमुख व्यक्तियों का अपहरण या हत्या करना ।
  • आणविक अप्रसार संधि अथवा परमाणु अप्रसार संधि क्या है ?
    ➥12 जून , 1968 को सोवियत संघ , अमरीका और ब्रिटेन ने मिलकर अन्य देशों के साथ आणविक अप्रसार संधि समझौता किया । इस समझौते के तहत परमाणु राज्य परमाणु अस्त्रविहीन राष्ट्रों को परमाणु बम के निर्माण के रहस्य की जानकारी नहीं देंगे तथा परमाणु अस्त्र प्राप्त करने में किसी प्रकार की सहायता नहीं करेंगे । यह संधि 5 मार्च , 1970 से प्रभावी हुई ।
  • सी.टी.बी.टी. का पूरा नाम क्या है ? अथवा एन.पी.टी. और सी.टी.बी.टी. का पूर्ण रूप ( पूरा नाम ) लिखिए ।
    ➥सी.टी.बी.टी का पूरा नाम है – ‘ व्यापक परीक्षण प्रतिबन्ध संधि ‘ ( Comprehensive Test Ban Treaty ) । एन.पी.टी. ( N.P.T. ) का पूरा नाम है- Nuclear Non – Proliferation Treaty ( परमाणु अप्रसार सन्धि ) ।
  • C.T.B.T. क्या है ?
    ➥सी.टी.बी.टी. यानी व्यापक परीक्षण प्रतिबन्ध सन्धि विश्वभर में किए जाने वाले परमाणु परीक्षणों पर प्रतिबन्ध लगाने के उद्देश्य से लाई गई सन्धि है जिस पर 24 सितम्बर , 1996 से हस्ताक्षर करना प्रारम्भ हुए थे ।
  • भारत ने सी.टी.बी.टी. पर हस्ताक्षर करने से क्यों मना किया है ? अथवा भारतीय दृष्टिकोण से सी.टी.बी.टी. का क्या अर्थ है ?
    ➥भारत ने सी.टी.बी.टी. पर हस्ताक्षर करने से इसलिए मना किया है क्योंकि यह संधि परमाणु सम्पन्न राष्ट्रों तथा गैर परमाणु सम्पन्न राष्ट्रों के मध्य भेदभाव उत्पन्न करती है । यह संधि बहुत ही संकीर्ण है जो केवल नए विस्फोट रोकने की बात करती है , लेकिन नए तकनीकी विकास एवं नए परमाणु शस्त्रों के विषय में चुप है ।
  • विश्व राजनीति पर आणविक शस्त्रों के कोई दो प्रभाव लिखिए ।
    ➥( 1 ) महाशक्तियों में फूट पड़ना , ( 2 ) असुरक्षा का वातावरण पैदा होना ।
  • ‘ स्टार्ट -1 सन्धि ‘ क्या है ?
    ➥अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और सोवियत नेता मिखाइल गोर्बाच्योव ने 31 जुलाई , 1991 को मास्को में सामरिक हथियारों में कटौती की ऐतिहासिक संधि ( Strategic Arms Reductions Treaty – START – I ) पर हस्ताक्षर किए । इस सन्धि अनुसार दोनों राष्ट्र परमाणु शस्त्रों में स्वेच्छा से 30 प्रतिशत कटौती करने को सहमत हुए ।

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