एशियाई विकास बैंक ने भारत की आर्थिक विकास दर के अनुमान को कम किया

एशियाई विकास बैंक ने भारत की आर्थिक विकास दर के अनुमान को कम किया

एशियाई विकास बैंक ने भारत की आर्थिक विकास दर के अनुमान को कम किया

एशियाई विकास बैंक ने हाल ही में अपना वार्षिक आर्थिक प्रकाशन ‘एशियाई विकास आउटलुक 2020’ जारी किया। इस रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 4% रहेगी, पहले यह अनुमान 5% था। COVID-19 के बीच कमजोर वैश्विक माँग और धीमी आर्थिक गतिविधियों के कारण विकास दर में कमी होने के आसार हैं।

एशियाई विकास बैंक (ADB)

एडीबी एक क्षेत्रीय विकास बैंक है जिसका उद्देश्य एशिया में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। इसकी स्थापना दिसंबर 1966 में की गयी थी। इसका मुख्यालय मनीला (फिलीपींस) में स्थित है। इसके कुल 68 सदस्य हैं, जिनमें से 48 एशिया और प्रशांत क्षेत्र जबकि बाकी 19 अन्य क्षेत्र के हैं। एडीबी का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ऋण, तकनीकी सहायता, अनुदान और इक्विटी निवेश प्रदान करके अपने सदस्यों और भागीदारों की सहायता करना है।

विश्व बैंक ने COVID-19 का मुकाबला करने के लिए भारत को 1 बिलियन डॉलर का फंड प्रदान किया

विश्व बैंक ने COVID-19 का मुकाबला करने के लिए भारत को 1 बिलियन डॉलर का फंड उपलब्ध करवाया है। यह विश्व बैंक द्वारा भारत को दिया गया अब तक का सबसे बड़ा अनुदान भी है।

मुख्य बिंदु

यह फंड सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करेगा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा प्रबंधित किया जाएगा। इस फंड का उपयोग परीक्षण किटों की खरीद, नए आइसोलेशन वार्डों की स्थापना और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की खरीद के लिए किया जाएगा।

विश्व बैंक

विश्व बैंक का मुख्यालय वाशिंगटन डी. सी. में है। इसकी स्थापना जुलाई 1945 को हुई थी। विश्व बैंक ऋण देने वाली एक ऐसी संस्था है जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों की अर्थ व्यवस्थाओं को एक व्यापक विश्व अर्थव्यवस्था में शामिल करना और विकासशील देशों में ग़रीबी उन्मूलन के प्रयास करना है। इसके कुल 189 सदस्य देश हैं। इसका आदर्श वाक्य “निर्धनता मुक्त विश्व के लिए कार्य करना” है।

फिच रेटिंग्स ने 2020-21 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को 5.1% से घटाकर 2% किया

फिच रेटिंग्स ने भारत के वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को 4% कर दिया है। पहले फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2020-21 में विकास दर 5.1% रहने का अनुमान लगाया था। इसका मुख्य कारण कोरोनावायरस प्रकोप के कारण धीमी आर्थिक गतिविधियाँ है।

फिच रेटिंग्स

फिच रेटिंग्स विश्व की तीन सबसे बड़ी रेटिंग एजेंसियों में से एक है, अन्य दो प्रमुख एजेंसियां मूड़ीज़ और स्टैण्डर्ड एंड पूअर्स हैं। इसका मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित है। इसका पूर्व स्वामित्व हेअर्स्ट कारपोरेशन के पास है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एक किस्म की कंपनी होती है जो क्रेडिट रेटिंग प्रदान करती है। यह ऋणी द्वारा समय पर ऋण के भुगतान अथवा डिफ़ॉल्ट की सम्भावना की योग्यता का अनुमान लगाती है।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.65 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 475.56 अरब डॉलर पर पहुंचा

27 मार्च, 2020 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.65 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 475.56 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। विश्व में सर्वाधिक विदेशी मुद्रा भंडार वाले देशों की सूची में भारत 8वें स्थान पर है, इस सूची में चीन पहले स्थान पर है।

विदेशी मुद्रा भंडार

इसे फोरेक्स रिज़र्व या आरक्षित निधियों का भंडार भी कहा जाता है भुगतान संतुलन में विदेशी मुद्रा भंडारों को आरक्षित परिसंपत्तियाँ’ कहा जाता है तथा ये पूंजी खाते में होते हैं। ये किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय निवेश स्थिति का एक महत्त्वपूर्ण भाग हैं। इसमें केवल विदेशी रुपये, विदेशी बैंकों की जमाओं, विदेशी ट्रेज़री बिल और अल्पकालिक अथवा दीर्घकालिक सरकारी परिसंपत्तियों को शामिल किया जाना चाहिये परन्तु इसमें विशेष आहरण अधिकारों , सोने के भंडारों और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की भंडार अवस्थितियों को शामिल किया जाता है। इसे आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय भंडार अथवा अंतर्राष्ट्रीय भंडार की संज्ञा देना अधिक उचित है।

27 मार्च, 2020 को विदेशी मुद्रा भंडार विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए): $439.66 बिलियन….गोल्ड रिजर्व: $ 30.89 बिलियन आईएमएफ के साथ एसडीआर: $ 1.42 बिलियन आईएमएफ के साथ रिजर्व की स्थिति: $ 3.58 बिलियन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *